संघ के बारे में… सामाजिक आंदोलन की शुरुआत 1986 से हुई थी। आज तक करीब 2000 बेटियों का घर बसाया।

भास्कर न्यूज | गिरिडीह जिले में बढ़ रही बाल विवाह, बहू प्रताड़ना, हत्या, तलाक जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए 24 जून 1984 को कुशवाहा संघ की स्थापना की गई थी। अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए संघ ने पूरे जिले भर में जगह- जगह सामाजिक बैठक करते हुए सामाजिक आंदोलन की शुरुआत की। वर्ष 1986 से संघ के आंदोलन का असर पूरे जिले में दिखने लगा। तत्कालीन संघ अध्यक्ष सह अधिवक्ता पूरन महतो ने बताया कि बिटिया चलो ससुराल के तहत करीब 1000 से अधिक वैसे बेटियों का घर बसाया गया जो प्रताड़ना के कारण मायके में रहने को मजबूर थी। घेरा डालो डेरा डालो अभियान के तहत बहू प्रताड़ना और तलाक से संबंधित करीब 700 मामलों का निष्पादन स्थानीय स्तर पर बैठक कर किया गया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत अभियान चलाकर बाल विवाह पर रोक लगाए गए। वैसे गरीब छात्रों जो आर्थिक अभाव के कारण पढाई छोड़ देते हैं के लिए छात्रावास का निर्माण किया गया। संघ की योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए अध्यक्ष इंद्रनारायण प्रसाद से 7909002322 पर संपर्क करें इस सप्ताह… कुशवाहा संघ चार मंजिला छात्रावास का किया जा रहा है निर्माण वर्तमान जिलाध्यक्ष इंद्रनारायण प्रसाद ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और युवा वर्ग को जागरूक करने के लिए संघ ने अलग मंच का निर्माण किया। गर्मी के मौसम में शहर के वर्मा चौक पर प्याऊ की व्यवस्था की जाती है। चार मंजिला छात्रावास का निर्माण कार्य किया जा रहा, ताकि गरीब छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए उपलब्ध कराई जा सके।

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