नीमच के संजीवनी हॉस्पिटल में एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विकास नगर निवासी मोहित जैन की पत्नी मुस्कान को 7 तारीख को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉ. मनीषा चमड़िया के पास पिछले 9 महीनों से मुस्कान का उपचार चल रहा था। ऑपरेशन के बाद मुस्कान ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया था। हालांकि, बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने सुबह 7 बजे उसे जिला अस्पताल ले जाने को कहा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद सुबह 11 बजे नवजात ने दम तोड़ दिया। आक्रोशित परिजनों ने डॉ. मनीष चमड़िया और डॉ. मनीषा चमड़िया पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का यह भी कहना है कि अस्पताल प्रशासन उनकी बहू को छुट्टी नहीं दे रहा है और दस्तावेज देने के बदले पैसों की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि डॉक्टर इस मामले में उचित बात करने को भी तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर, डॉ. मनीषा चमड़िया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओर से इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। मरीज जब अस्पताल आई थीं, तब उनका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था और गर्भ में बच्चे की धड़कन भी असामान्य थी, जिसके कारण तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। डॉक्टर के अनुसार, डिलीवरी के बाद करीब 36 घंटों तक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन, परिजनों द्वारा उसे ऊपर का दूध (फॉर्मूला मिल्क) पिला देने के कारण उसकी स्थिति अचानक गंभीर हो गई और उसे वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ी। इसी वजह से बच्चे को बेहतर उपचार के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय के आईसीयू में रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। डॉ. चमड़िया ने दावा किया कि उन्होंने डिस्चार्ज से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज परिजनों को सौंप दिए हैं और चिकित्सा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया है।


