भास्कर न्यूज | महुआडांड़ चालीसा काल के पावन अवसर पर महुआडांड़ स्थित संत जोसेफ चर्च (माता चर्च) में आयोजित चार दिवसीय विशेष करिश्माई विनती एवं उपवास कार्यक्रम संपन्न हुआ। 2 मार्च से 5 मार्च तक चले इस आध्यात्मिक अनुष्ठान का संचालन हजारीबाग के सीतागढ़ा से आए फादर अनिल तिर्की (ओसीडी) और उनकी टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान ईसाई समुदाय के श्रद्धालुओं ने यीशु मसीह के दुखों और उनके बलिदान को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। फादर अनिल तिर्की ने अपने संबोधन में परिवार के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य चाहे किसी भी पद, नौकरी या संस्था से जुड़ा हो, लेकिन एक सुखी जीवन की कल्पना परिवार के बिना अधूरी है। परिवार ही वह स्थान है जहाँ से व्यक्ति को धार्मिक, सामाजिक और मौलिक संस्कार प्राप्त होते हैं। इस प्रार्थना सभा में महुआडांड़ पल्ली के साथ-साथ अन्य विभिन्न पारिसों से आए युवक-युवतियों और बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने अपनी आत्मिक शांति, परिवार की खुशहाली, समाज के उत्थान और मृत आत्माओं की शांति के लिए उपवास रखकर विनती की। कार्यक्रम को सफल बनाने में पल्ली पुरोहित फादर सुरेश किंडो, काथलिक सभा के अध्यक्ष फुलदेव खलखो, सचिव विक्रम मिंज, उपाध्यक्ष रविन्द्र मिंज और कोषाध्यक्ष रोलेन टोप्पो की सक्रिय भूमिका रही। वहीं महिला संघ की ओर से अध्यक्ष रंजिता एक्का, उपाध्यक्ष दीप्ती, सचिव नीलम शालिनी एक्का और हेड प्रचार आनंद टोप्पो सहित काथलिक सभा के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे कार्यक्रम के प्रस्तुतीकरण और संचालन में कुशत भेगरा, विजय टोप्पो और जूलिया मिंज का विशेष सहयोग रहा।


