संत सिंगाजी महाराज के मेले के मुख्य दिन शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने सिंगाजी महाराज समाधि के दर्शन किए। परंपरा अनुसार, झाबुआ राजघराने से मुख्य निशान भी पहुंचा। समाधि पर 500 से ज्यादा निशान चढ़ाए गए। 50 क्विंटल के देशी घी भी चढ़ाया गया। इसके अलावा भक्तों ने केरी का भोग लगाया। केंद्रीय राज्यमंत्री और मंत्री विजय शाह पहुंचे
केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, मंत्री विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक नारायण पटेल, छाया मोरे और कंचन तनवे अपने परिवार के साथ समाधिस्थल पहुंचे। उन्होंने निशान चढ़ाया और समाधि स्थल पर माथा टेका। सिंगाजी महाराज की समाधि पर सुबह 4 बजे पंचामृत से स्नान कर अभिषेक किया गया और आरती की गई। परंपरा के अनुसार, झाबुआ राजघराने का निशान, जो एक माह पहले निकला था, शाम 4:30 बजे समाधि स्थल पर पहुंचा और आरती अर्पित की गई। 164 दीप माला से की महाआरती संत सिंगाजी समाधिस्थल पर 164 दीप मालाओं को प्रज्ज्वलित कर शाम 7 बजे भक्तों की उपस्थिति में महाआरती की गई। सिंगाजी समाधि स्थल के महंत रतनलाल ने बताया कि महाआरती भक्तों की मौजूदगी में की जाती है, इस दिन बड़ी तादाद में भक्त महाआरती में शामिल होते हैं। लोग समाधि स्थल पर माथा टेक मनोकामना पूर्ण करने का आशीर्वाद लेते हैं। पार्किंग स्थल से 4 किलोमीटर तक का सफर किया
गेहलगांव चौराहे पर चार पहिया वाहन की पार्किंग लगाकर वाहनों को खड़ा किया गया। समाधिस्थल तक पहुंचने के लिए भक्तों को चार किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा। अन्य भी पार्किंग स्थल मेला स्थल के नजदीक भी बनाए गए। जो पर्याप्त जगह न होने के कारण परेशानी का सबब बने। इस साल पार्किंग शुल्क भी 10 रुपए ज्यादा लेकर 30 रुपए लिया गया। मेले के दौरान 246 जवान तैनात रहे
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 246 जवानों का फोर्स तैनात किया गया। एक एडिशनल एसपी सहित 10 टीआई, 15 सब इंस्पेक्टर, 164 कांस्टेबल, 60 क्यूआर एफ जवान, 20 एसएफ जवानों की ड्यूटी लगाई गई। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी गई।


