दुर्ग पुलिस ने बुधवार तड़के बड़े स्तर पर कार्रवाई की। ऑपरेशन विश्वास के तहत छावनी और दुर्ग अनुविभाग के संवेदनशील और संदिग्ध इलाकों में सुबह 4 बजे से 7 बजे तक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। कार्रवाई छावनी अनुविभाग के देवार मोहल्ला और मछली मार्केट, खुर्सीपार तथा दुर्ग अनुविभाग के सिकोला भाठा क्षेत्र में की गई। इन इलाकों को लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों के विक्रय, हथियारबाजी और संदिग्ध गतिविधियों के लिए चिन्हित किया गया था। इसी के आधार पर पुलिस ने विशेष रणनीति बनाकर तड़के ही इलाकों की घेराबंदी की। पहले ये तस्वीरें देखिए… देवार मोहल्ला, मछली मार्केट और सिकोला भाठा में छापामार कार्रवाई
सुबह की धुंध के बीच पुलिस की कई टीमें अलग-अलग हिस्सों में पहुंचीं और एक साथ करीब 300 मकानों में दबिश दी गई। अचानक हुई कार्रवाई से इन क्षेत्रों में हलचल मच गई। पुलिस दल घरों के भीतर मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि में जुटी रही। अभियान की कमान संबंधित अनुविभाग के नगर पुलिस अधीक्षकों के पास रही, वहीं राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में पुलिस की विशेष टीमों ने दबिश दी। संदिग्धों के फिंगरप्रिंट लिए, बनाया जा रहा डेटाबेस
दबिश के दौरान पुलिस ने कई ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। इन सभी का मौके पर ही फिंगरप्रिंट लिया गया। पुलिस अब इन फिंगरप्रिंट्स का डेटाबेस तैयार कर रही है, जिससे भविष्य में अपराधों की जांच में मदद मिल सकेगी। फिलहाल जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नशा तस्करी और हथियारबाजी पर सख्ती
एएसपी पद्मश्री तंवर ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना, नशा तस्करी पर नकेल कसना, और उन आरोपियों पर कार्रवाई करना था जो चाकू व अन्य हथियारों के दम पर क्षेत्र में आतंक फैलाते हैं। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि सुबह 4 बजे से 7 बजे तक चले इस अभियान ने कई महत्वपूर्ण इनपुट दिए हैं। अब आगे जांच में तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं का मिलान किया जाएगा।


