संदिग्ध परिस्थियों में बोलेरो में आग :ड्राईवर ज़िन्दा जला:मृतक के परिजनों का लाडनूं अस्पताल की मोर्च्युरी के बाहर धरना, हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

लाडनूं उपखण्ड के रताऊ गांव में कल देर शाम एक बोलेरो गाड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतक की पहचान जेठाराम बीडीयासर के रूप में हुई है, जो खेती-बाड़ी के साथ ही अपनी बोलेरो को टैक्सी के रूप में चलाता था। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई । आज सुबह से बड़ी संख्या में ग्रामीण लाडनूं अस्पताल में जमा हो गए। परिजनों का आरोप है कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार जेठाराम की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया, ताकि मामले को एक हादसे का रूप दिया जा सके। परिजन हत्या का मामला दर्ज कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं और गिरफ्तारी नहीं होने तक पोस्टमार्टम नहीं करवाने पर अड़े हुए हैं । वहीं पुलिस समझाईस करने की कोशिश में जुटी हुई है। प्लॉट के सौदे के लिए साथ ले गया था आठ लाख रुपये
मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मृतक के पास मौजूद बड़ी नकदी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जेठाराम कल शाम करीब 4 बजे डीडवाना में एक प्लॉट का सौदा करने के लिए घर से निकला था और उस वक्त उसके पास आठ लाख रुपये की राशि भी थी। डीडवाना से लौटते समय रात करीब 8 बजे सिंवा रोड पर पेट्रोल पंप के पास अचानक उसकी गाड़ी धूं-धूं कर जलने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी भीषण थी कि किसी को भी पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। दमकल ने मौके पर पहुंचकर जब तक आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गाडी पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
घटनास्थल के हालातों ने खड़े किए गंभीर सवाल
परिजनों और ग्रामीणों के संदेह का मुख्य आधार घटनास्थल की स्थिति है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब गाड़ी जल रही थी, तब उसका फाटक खुला हुआ था और आग बुझने के बाद जेठाराम का शव ड्राइवर सीट के बजाय आगे की दोनों सीटों के बीच के हिस्से में मिला। परिजनों का तर्क है कि यदि आग दुर्घटना के कारण लगती तो चालक बाहर निकलने का प्रयास करता, लेकिन शव की स्थिति और खुला दरवाजा किसी अनहोनी की ओर इशारा करते हैं। इसी मांग को लेकर परिजन अब लाडनूं अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं करती, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा।
पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए निम्बी जोधा थानाधिकारी सिद्धार्थ कुमावत और लाडनूं सीओ जितेंद्र चारण तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने नागौर से एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया, जिसने देर रात ही घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल की जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और डीडवाना से रताऊ के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि कल शाम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
मृतक जेठाराम की उम्र तक़रीबन 50 साल बताई जा रही है। मृतक के केवल एक बेटी है जो विवाहित है वहीं परिवार में दो बड़े भाई हैं जो गांव में ही खेती किसानी का काम करते हैं।

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