संबल योजना के भ्रष्टाचार में महिला समेत तीन पकड़े:फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर निकालते थे पैसे; 3 करोड़ के गबन का है मामला

भिंड नगरपालिका की संबल योजना में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले में पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों के जरिए शासन की 3 करोड़ रुपए से अधिक राशि गबन करने का आरोप है। पुलिस ने जितेंद्र वर्मा, संतोष शाक्य और मंजू अर्गल को पकड़ा है। इस मामले का मुख्य आरोपी राजेंद्र सिंह चौहान पहले ही जेल जा चुका है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने संबल योजना की राशि हड़पने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। इनमें से एक आरोपी ऑनलाइन दुकान का संचालक है, जो फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करता था। इन दस्तावेजों के आधार पर लाभार्थियों के नाम पर राशि स्वीकृत कराई जाती थी और फिर उसे अपने या रिश्तेदारों के बैंक खातों में डलवा लिया जाता था। मुख्य आरोपी को देते थे बैंक खाते पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी मुख्य आरोपी राजेंद्र सिंह चौहान को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। घोटाले की राशि इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती थी। तीनों आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से लंबे समय तक इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। घोटाले में और भी लोग हो सकते हैं शामिल पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। संभावना जताई जा रही है कि इस घोटाले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस जल्द ही अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी कर सकती है। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी राजेंद्र सिंह चौहान को करीब दो महीने पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

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