संभल में 4 दिन में 2 बंद मंदिर मिले हैं। दोनों मुस्लिम बहुल इलाके में हैं। पहला कार्तिकेश्वर महादेव मंदिर 14 दिसंबर को जामा मस्जिद से डेढ़ किलोमीटर खग्गूसराय में मिला था। दूसरा 17 दिसंबर को हयात नगर के सरायतरीन में मिला। दोनों मंदिरों की बीच की दूरी 2 किलोमीटर है। बुधवार सुबह 10 बजे ASI टीम कार्तिकेय महादेव मंदिर पहुंचकर जांच करेगी। कार्तिकेश्वर मंदिर के पास एक कुआं भी मिला है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका ने कुएं को बंद कराया था। इस कुएं को पाट कर मार्बल लगा दिया गया था। 17 दिसंबर प्रशासन की टीम ने बंद कुएं को खुदवाना शुरू किया। यह कुआं मस्जिद के बिल्कुल दरवाजे के किनारे है। कभी यहां रहते थे 30 से 40 हिंदू परिवार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंदिर काफी समय से बंद था। 30 से 40 हिंदू परिवार रहते थे, जो दंगे के बाद धीरे-धीरे यहां से पलायन कर गए। मुस्लिम आबादी के बीच मंदिर होने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे। मंदिर के गेट पर ताला लटका है। आसपास काफी गंदगी है। बुजुर्ग बोले- रस्तोगी समाज का था मंदिर
खग्गू सराय निवासी 82 साल विष्णु शंकर रस्तोगी ने कहा कि यह रस्तोगी समाज का मंदिर था। 1978 के दंगों के बाद 40 से 45 रस्तोगी परिवार के लोग यहां से मंदिर बंद करके चले गए। उसके बाद पूजा पाठ भी बंद हो गई। दंगे के पीड़ित अनिल कुमार ने बताया कि हम यहां बचपन से रहे हैं। यहां से लोग दहशत की वजह से चले गए। आस-पास मुस्लिम समाज के लोग और आस-पास की गालियां भी मुस्लिम समाज की थीं। 1978 में कत्लेआम के दौरान मेरी दुकान भी दुकान जलाई गई थी। मंगलवार सुबह 9 बजे पुलिस और राजस्व टीम पहुंची। मकानों की नाप-जोख की। इसमें एक मकान को चिह्नित किया, जिसका 3.5 मीटर छज्जा अतिक्रमण में आ रहा था। इसके बाद मुस्लिम मालिक ने मजदूरों को बुलवाया। अतिक्रमण को तुड़वाना शुरू करवाया। मंदिर के बारे में जानिए खग्गू सराय में बना यह मंदिर जामा मस्जिद से मात्र डेढ़ किमी दूर है, जहां पिछले दिनों हुई हिंसा में 4 युवकों की मौत हुई थी। इलाका मुस्लिम बहुल है। मंदिर से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का घर 200 मीटर दूर है। यह मंदिर 70 गज में बना है और मेन सड़क से करीब 500 मीटर अंदर गली में है। कुआं मंदिर के गेट से 10 कदम की दूरी पर है। कैसे संभल में खुला 46 साल से बंद मंदिर? शनिवार को संभल डीएम राजेंद्र पैंसिया यहां बिजली चोरी की शिकायत पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस इलाके में बिजली चोरी ज्यादा होती है। टीम यहां आती नहीं थी। शनिवार को हम आए तो एक मंदिर देखा। बंद मंदिर को खुलवाया। यह जिस समाज का है, उसे सौंप देंगे। मंदिर के तीन तरफ अतिक्रमण है। सिर्फ एक तरफ खाली था। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि मंदिर 400-500 साल पुराना है। मंदिर के पास ही एक कुआं भी मिला। इस पर रैंप बना दिया गया था। इसका अतिक्रमण हटवाया तो कुएं की बनावट मिली। ———————————– ये खबर भी पढ़ें…
संभल के बाद काशी में मिला बंद मंदिर:40 साल से ताला लगा, हिंदू महिलाओं ने शंखनाद किया संभल के बाद काशी के मुस्लिम बहुल इलाके में मंदिर बंद मिला है। हिंदू संगठन सनातन रक्षक दल ने दावा किया कि मंदिर 250 साल पुराना है। 40 साल से मंदिर पर ताला लगा है। इससे पहले, यहां पूजा होती थी। मंदिर मदनपुरा इलाके में है, जिसमें मिट्टी भरी हुई है। मंदिर करीब 40 फीट ऊंचा है। मंदिर में ताला किसने बंद किया? इस बारे में यहां के लोग जानकारी नहीं दे सके। मंगलवार सुबह से मंदिर के पास पुलिस तैनात की गई। दोपहर 12.30 बजे बंगाली समाज की महिलाएं मंदिर पर पहुंची। उन्होंने शंखनाद किया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर निकल आए। उन्होंने कहा- मंदिर यहां पहले से हैं, पूजा से इनकार नहीं, मगर बाहरी लोगों का यहां क्या काम है? पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। पढ़ें पूरी खबर…


