समरावता प्रकरण की जांच अब आगे बढ़ रही है। सरकार के निर्देश पर संभागीय आयुक्त महेश चंद्र शर्मा समरावता प्रकरण की जांच करेंगे। वे 17 जनवरी को टोंक आएंगे और सर्किट हाउस में जनसुनवाई करेंगे। इसमें पीड़ित पक्ष अपना पक्ष रख सकेंगे। ग्रामीणों के साथ क्या-क्या जुल्म हुआ, यह सब बता सकते हैं। ग्रामीणों के बयानों के आधार पर संभागीय आयुक्त अपनी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौपेंगे। उसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई करेंगे। उधर, समरावता के ग्रामीण आज भी इस पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने पर अड़े हैं। इनका कहना है कि संभागीय आयुक्त सरकार के प्रशासनिक अधिकारी है और ग्रामीणों के साथ भी 13 नवंबर 2024 को जुल्म हुआ था। लाठीचार्ज से लेकर कई तरह के जुल्म हुए। गांव को आग के हवाले कर दिया। जो दमकले आई थी उन्हें भी आग नहीं बुझाने दिया। इससे गांव के मवेशी तक आग में जल गए। पुलिस ने ग्रामीणों को इतना मारा कि आज भी लोग ठीक नहीं हुए है। किसी का हाथ टूटा हुआ है तो किसी का पैर टूटा हुआ है। इस पूरे प्रकरण की शुरुआत तत्कालीन सेक्टर प्रभारी मालपुरा SDM अमित चौधरी ने वोटों का बहिष्कार होने के बावजूद जबरन वोट दिलाकर की। आचार संहिता का उल्लंघन कर उसने जबरन दो तीन लोगों के वोट दिलाए। फिर नरेश मीणा ने उसके थप्पड़ मारा। उसके बाद उस रात को षड्यंत्र पूर्वक बिजली कटवाकर लोगों को अंधेरे में सरकार ने पुलिस से घरों में घुसकर पिटवाया। गुनाहगार और जांचकर्ता सरकार के पार्ट है। ऐसे में संभागीय आयुक्त भी सरकार के दबाव में रहकर प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ अपनी रिपोर्ट नहीं देंगे। इससे ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद नहीं हैं। सरकार की मंशा ग्रामीणों को न्याय दिलाने की है तो इसकी न्यायिक जांच कराए। यह था मामला 13 नवंबर को देवली उनियारा विधानसभा के उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था। इसमें समरावता गांव के लोगों ने उनके गांव को उनियारा उपखंड कार्यालय में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर रखा था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों की मांग वाजिब बताते हुए ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गया था। मतदान बहिष्कार के बाबजूद तीन जनों के जबरन वोट दिलाने का आरोप लगाते हुए नरेश मीणा ने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। दूसरे दिन पुलिस ने नरेश मीणा को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया था। फिर कोर्ट के आदेश पर 15 नवंबर को जेल भेज दिया था। इस मामले में अब तक 61 लोगों की जमानत हो चुकी है। नरेश मीणा समेत दो जने जेल में बंद है।


