बूंदी में चार दिवसीय संभागीय आरोग्य मेले का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। जिला प्रशासन और आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह मेला कुंभा स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आमजन को प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। मेले के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुर्वेद निदेशालय अजमेर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. रमेश चंद्र मीणा ने की। नगर परिषद सभापति सरोज अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और कालूलाल जांगिड़ विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शुभारंभ के अवसर पर वक्ताओं ने आयुर्वेद को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया। आयुर्वेद महाविद्यालय कोटा के प्रिंसिपल डॉ. नित्यानंद शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजना शर्मा, आयुर्वेद चिकित्सक संघ के डॉ. रमाकांत मंडावत और डॉ. रंगनाथ शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने बताया कि यह मेला संभाग स्तर पर पारंपरिक उपचार और योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. मालती पारीक ने जानकारी दी कि मेले में अनुभवी वैद्यों द्वारा विभिन्न रोगों की जांच और उपचार किया जा रहा है। पंचकर्म इकाई, मर्म चिकित्सा, सौंदर्य क्लिनिक और अग्निकर्म इकाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभागीय प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मेले में औषधीय पादप प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जहां दुर्लभ औषधीय पौधों की जानकारी और उनके लाभ बताए जा रहे हैं। खान-पान और दिनचर्या में सुधार के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। आज आयुर्वेद महाविद्यालय कोटा के प्राचार्य डॉ. नित्यानंद शर्मा ने ‘स्वस्थ जीवनशैली’ और डॉ. विजया जैन ने ‘रसोई एक आरोग्यशाला’ विषय पर व्याख्यान दिया। यह मेला आमजन के लिए खुला रहेगा, जिससे संभाग भर के लोग आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का लाभ उठा सकेंगे। मेले के पहले दिन कुल 1256 रोगियों का उपचार किया गया।


