संयुक्त माली सैनी मरार समाज व मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद(पिकप) ने शुक्रवार को देश की पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती ‘प्रथम शिक्षिका दिवस’ के रूप में मनाई। महात्मा फुले चौराहा 7 नंबर बस स्टॉप स्थित फुले प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यहां आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाज के अध्यक्ष एवं रिटायर अतिरिक्त कलेक्टर जीपी माली ने समाज उत्थान के लिए सावित्रीबाई फुले के संघर्ष को याद किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। 12 जनवरी को भोपाल में ओबीसी नेताओं का समागम करने का निर्णय भी लिया। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, महात्मा फुले सामाजिक शिक्षण संस्थान के दिल्ली के महासचिव रामनारायण चौहान ने महात्मा ज्योतिबा फुले द्वारा रचित मानव कल्याण की सामूहिक प्रार्थना कराई। एडवोकेट सचिन के वर्मा, एडवोकेट लायन महेश साहू, लोकमन कुशवाहा, तुलसीराम पटेल, सीएल वर्मा, डॉ. प्रेमलता सैनी, महेश नंद मेहर, राधेश्याम माली, राजेंद्र अंबाडकर, कृष्ण गोपाल कश्यप, मधु अंबाडकर, दिनेश सैनी, प्रेमनारायण सैनी, प्यारेलाल माली आदि ने सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। संयोजक तुलसीराम पटेल ने बताया कि इस अवसर पर महात्मा फुले दर्शन पत्रिका के विशेषांक का विमोचन किया गया। वहीं यह निर्णय लिया गया कि ओबीसी की विभिन्न जातियों के सामाजिक नेताओं का एक समागम महात्मा फुले भवन में 12 जनवरी को किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के विषय पर विचार विमर्श कर आगामी रूपरेखा बनाई जाए।


