संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिले में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल ने बताया कि जिला मुख्यालय पर स्थित सभी न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालय व प्राधिकरण के कर्मचारियों ने न्यायालय प्रांगण में संविधान की शपथ ली। कार्यवाहक जिला जज रविकांत सोनी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान की उद्देशिका के महत्व के बारे में बताया तथा सभी को संविधान की शपथ दिलाई। इस अवसर पर लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की विशिष्ट न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने संबोधित करते हुए कहा कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी के पश्चात् हमारे पूर्वजों, स्वतंत्रता सैनानियों के बलिदान एवं संघर्ष से हमें संविधान प्राप्त हुआ है। हमें इसकी उद्देशिका के हर शब्द को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने संविधान में प्रदत्त पांच स्वतंत्रताओं में से विचारों की स्वतंत्रता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान हमें यह अधिकार देता है कि हम स्वतंत्र रूप से अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं। संविधान में आम नागरिकों को प्रदत्त विचारों की स्वतंत्रता के कारण ही मनुष्य को उत्तरोत्तर सोचने का अवसर मिला है जिससे मानव जाति का कल्याण हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि आज लोगों को रील्स व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से उनके विचारों को जाति, धर्म, संप्रदाय के आधार पर प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन हमें इन सभी विचारों के बीच इस बात पर प्रतिबद्ध रहना है कि हमारे विचारों की स्वतंत्रता बरकरार रहे।


