संसद के शीतकालीन सत्र का 18वां दिन:संविधान पर विशेष चर्चा खत्म; राज्यसभा और लोकसभा में 2-2 बिल पेश किए जाएंगे

संसद के शीतकालीन सत्र का आज बुधवार को 18वें दिन है। बीते दिन राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह के भाषण के साथ संविधान पर चर्चा पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में संविधान लहराकर, झूठ बोलकर जनादेश लेने की कोशिश की गई। संविधान लहराने का नहीं, विश्वास और श्रद्धा का विषय है। वहीं, लोकसभा में मंगलवार को एक देश-एक चुनाव के लिए 129वां संविधान संशोधन बिल पेश किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे सदन में रखा। अमित शाह ने सदन में कहा कि बिल जब कैबिनेट में आया था, तब PM मोदी ने कहा था कि JPC को भेजना चाहिए। कानून मंत्री ऐसा प्रस्ताव कर सकते हैं। आज से 20 दिसंबर तक संसद की सामान्य कार्रवाही चलेगी। लोकसभा और राज्यसभा में आज 2-2 बिल चर्चा के लिए रखे जाएंगे। लोकसभा में जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल माल ढुलाई से जुड़ा ‘द बिल्स ऑफ लैडिंग बिल, 2024’ और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ‘द ऑयलफील्ड्स (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट) एमेंडमेंट बिल, 2024’ सदन के सामने रखेंगे। दूसरी तरफ राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ‘द बैंकिंग लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2024’ को पास करने का प्रस्ताव रखेंगी। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ‘द डिजास्टर मैनेजमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2024’ सदन के विचार के लिए रखेंगे। यह बिल लोकसभा में पास हो चुका है। वोटिंग के बाद एक देश-एक चुनाव के लिए बिल दोबारा पेश हुआ
कानून मंत्री मेघवाल ने जैसे ही लोकसभा में एक देश-एक चुनाव को लेकर संविधान संशोधन बिल रखा, विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद बिल पेश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कराई गई। कुछ सांसदों की आपत्ति के बाद वोट संशोधित करने के लिए पर्ची से दोबारा मतदान हुआ। इस वोटिंग में बिल पेश करने के पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट पड़े। इसके बाद कानून मंत्री ने बिल दोबारा सदन में रखा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा बिल पेश होते समय लोकसभा में अनुपस्थित रहे 20 सांसदों को नोटिस भेजेगी। पार्टी ने सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… शाह राज्यसभा में बोले- भाजपा धर्म के आधार पर आरक्षण लागू नहीं होने देगी
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान शाह ने कहा- कांग्रेस आरक्षण की 50% सीमा बढ़ाकर मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। दोनों सदन में जब तक बीजेपी का एक भी सदस्य है, धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होने देंगे, ये संविधान विरोधी है। संविधान का सम्मान सिर्फ बातों में नहीं, काम में भी होना चाहिए। उन्होंने कहा- देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) इसलिए लागू नहीं हो पाया क्योंकि नेहरू जी मुस्लिम पर्सनल लॉ लेकर के आए। आज मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कांग्रेस से पूछना चाहता हूं, क्या देश में सभी जाति-धर्म के लोगों के लिए एक कानून नहीं होना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… प्रियंका फिलिस्तीन के बाद बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों के समर्थन में बैग लाईं
वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी मंगलवार को संसद में एक बैग लेकर पहुंचीं, जिस पर ‘बांग्लादेशी हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों’ लिखा था। इससे एक दिन पहले वे फिलिस्तीन के समर्थन में बैग लेकर पहुंची थीं। जिस पर फिलिस्तीन आजाद होगा लिखा था। इस पर विवाद भी हुआ था। प्रियंका ने सवाल उठाने वालों से कहा था- मैं कैसे कपड़े पहनूंगी, इसे कोई और तय नहीं करेगा, बरसों से चल रही रूढ़वादी पितृसत्ता को मैं नहीं मानती, मैं जो चाहूंगी, वही पहनूंगी। पूरी खबर पढ़ें… ———————————————— संसद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पूर्व PM देवगौड़ा बोले- आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू हो, जाति आधारित रिजर्वेशन जारी रहे या नहीं, संसद में चर्चा हो पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) नेता एचडी देवगौड़ा ने 17 नवंबर को राज्यसभा में आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था पर फिर से विचार करने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि संसद को यह देखना चाहिए कि आरक्षण जाति के आधार पर जारी रहे या इसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए लागू किया जाए। पूरी खबर पढ़ें…

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