भास्कर न्यूज | बालोद स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति के लगभग 40 हजार संस्था प्रमुख व शिक्षकीय पद रिक्त हैं। व्याख्याता व प्राचार्य के रिक्त पदों पर 7 वर्षों से पदोन्नति नहीं दी गई है। शालेय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने बताया कि विगत सरकार के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग में स्थानांतरण, पदोन्नति व सीधी भर्ती में पदस्थापना आदि सवालों के घेरे में रहे। भाई भतीजावाद व भ्रष्टाचार के न केवल आरोप लगे बल्कि जांच, निलंबन व न्यायालयीन हस्तक्षेप भी हुए। लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने तो पिछली घटनाओं से सीख ले रहा है न ही सुधार का प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली का संज्ञान लें और आवश्यक हस्तक्षेप करें। वर्तमान में प्राचार्य व व्याख्याता पदों पर पदोन्नति के लिए विगत 6 वर्षों से जारी हो रही त्रुटिपूर्ण सूची से ही प्रस्ताव मंगाया गया है। जबकि संगठन ने सूची की सैकड़ों त्रुटियों का प्रमाण सचिव व संचालक सहित जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपकर सत्यापन करने व त्रुटि रहित सूची जारी करने की मांग की थी। प्राचार्य पदोन्नति जारी अंतिम व्याख्याता वरिष्ठता सूची में कई गंभीर त्रुटियां अब भी व्याप्त है, फिर भी इसी सूची से पदोन्नति हेतु प्रस्ताव भेजने की कार्यवाही की जा रही है। शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने आपत्तियों को दूर नहीं करने पर कड़ा ऐतराज जताया। अविलंब विसंगतियों के निराकरण की मांग की। प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने शिक्षक एलबी संवर्ग से व्याख्याता पद पर पदोन्नति के लिए प्रस्ताव नहीं मंगाए जाने का मुद्दा उठाया। स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत लगभग 1 लाख 80 हजार एलबी संवर्ग के शिक्षकों को उनकी संख्या के अनुपात में पदोन्नति का पद नहीं दिया जा रहा है जो उचित नहीं है।


