संसद में सरकार ने दावा किया कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत मप्र में 788 में से 774 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। यानी राज्य ने 98% लक्ष्य हासिल किया है। महाराष्ट्र में 347 में से 330 (95%) प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं। इन दोनों राज्यों को मिशन पूरा करने में देश में सबसे आगे बताया गया है। देशभर में स्मार्ट सिटी मिशन के 8083 प्रोजेक्ट में से 7636 (95%) पूरे हुए हैं। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार भोपाल में प्रस्तावित 82 प्रोजेक्ट भी पूरे हो गए बताए गए हैं। इसके लिए केंद्र ने 490 करोड़ रुपए अनुदान दिया। इन प्रोजेक्ट पर कुल 2791 करोड़ रुपए खर्च होना बताया गया है। बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी अधूरा ही है अगर पैन सिटी प्रोजेक्ट की बात करें तो आईटीएमएस का केवल पायलट प्रोजेक्ट पूरा हुआ और उससे भी केवल चालान बनाए जा रहे हैं। भोपाल प्लस एप ठप हो गया, आईसीसीसी का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। स्मार्ट सिटी के बजट से नगर निगम के प्रोजेक्ट जैसे एमपी नगर और न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग और आर्च ब्रिज आदि पूरे कर लिए गए। अफसरों का तर्क
स्मार्ट सिटी मिशन से जुड़े अफसर संसद में दी गई जानकारी पर अधिकारिक रूप से बात करने को राजी नहीं हैं। लेकिन उनका तर्क है कि सरकार से मिलने वाले अनुदान से मिशन के तहत जितने काम होना थे, वे पूरे हो गए हैं। अब लैंड मोनेटाइजेशन से होने वाली आय से शेष प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे।


