भास्कर न्यूज | बाड़मेर साध्वी ऋतंभरा के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में वात्सल्य सेवा केन्द्र बाड़मेर में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन शनिवार को साध्वी सत्य सिद्धा ने प्रवचनों में कहा कि बच्चों को संस्कारों की गंगा से सींचा जाना चाहिए। वर्तमान समय में बच्चों को संस्कार नहीं देकर मोबाइल देकर बिगाड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में बहुत ही विकट स्थिति खड़ी होगी, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। साध्वी सत्य सिद्धा ने कहा कि संस्कारों युक्त बच्चा एक भी अच्छा है, लेकिन संस्कारों विहीन औलाद किसी काम की नहीं। वह स्वयं तो परेशान रहेगा ही और अपने माता-पिता को भी परेशानी में डाल देगा। उन्होंने कहा कि नशे की प्रवृति से घर बर्बाद हो रहे है। इससे बचने का सबसे बड़ा कदम है कि अपने बच्चों में शुरू से ही शिक्षा के साथ संस्कार दें। ये संस्कार गुरुकुल पद्धति से आ सकते है। उन्होंने जीवन से हार चुके युवक-युवतियों से आह्वान किया कि मनुष्य का जीवन बार-बार नहीं मिलता, इससे व्यर्थ में नहीं गवाना चाहिए कथा में नवीन सिंघल, आनन्द गुप्ता, संपतराज लूणिया, रामकुमार जोशी, सरूपाराम माली, मदनसिंह, ईश्वरसिंह, राजूसिंह, ईश्वरदान भादरेश, जगदीश कुमार जीनगर, गोविंदाराम माली, आम्बाराम माली, ओमप्रकाश शर्मा, राजूसिंह, शर्मिला चैहान, मधु आदि सैकड़ों महिलाओं व पुरूषों ने कथा सुनने का आनन्द लिया। कथा में प्रतिदिन भोजन प्रसादी भामाशाह ओमप्रकाश माली की ओर से रखी गई है। कथा में वात्सल्य सेवा केन्द्र की बालिकाओं ने भगवान भोलेनाथ व पार्वती व बारातियों का रूप धरा। वात्सल्य सेवा केन्द्र के अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता ने बताया कि 20 जनवरी को संत समागम व यज्ञ व पूर्णाहुति का आयोजन रखा गया है। कथा स्थल तक आने-जाने के लिए बसों की व्यवस्था भगवान महावीर टाउन हॉल व विश्वकर्मा सर्किल के पास प्रतिदिन दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध रहेगी।


