सऊदी अरब में बालोतरा के युवक की संदिग्ध मौत के एक माह बाद उसकी बॉडी को भारत दिल्ली पहुंच गई है। दोपहर तक जयपुर पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से बालोतरा जिले के गिड़ा सोहड़ा पैतृक गांव लाया जाएगा। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने जानकारी देते हुए बताया- जयपुर एयरपोर्ट पर कानूनी प्रक्रिया करने के बाद उसकी शव को परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। सांसद बेनीवाल ने ट्वीट कर बताया- संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्टूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गए थे। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमॉर्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में लंबा समय लग गया। जैसे ही यह मामला 18 नवंबर 2025 को मेरे संज्ञान में आया, मैंने तुरंत भारतीय दूतावास एवं विदेश मंत्रालय के संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। विदेश मंत्री से मुलाकात कर बॉडी लाने की थी मांग ज्यादा देरी और जटिल प्रक्रियाओं के कारण मैंने 05 दिसंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर जी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। भारत सरकार के खर्चे पर पार्थिव शरीर शीघ्र भारत लाने, मामले की कानूनी जांच कराने एवं पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर भारत सरकार एवं भारतीय दूतावास की ओर से प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करवाने का आश्वासन दिया गया। रमेश का शव आज सुबह पहुंचा दिल्ली सांसद ने बताया- देर रात रमेश कुमार मेघवाल का पार्थिव शरीर दम्माम (सऊदी अरब) एयरपोर्ट से रात 12:05 बजे रवाना होकर सुबह 06:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। इसके बाद दोपहर 12:35 बजे दिल्ली से रवाना होकर 1:25 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेगा। जयपुर एयरपोर्ट पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के पश्चात पार्थिव शरीर परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा। जयपुर से सोहड़ा गाँव तक सड़क मार्ग से ले जाने हेतु एम्बुलेंस की समुचित व्यवस्था करवा दी गई है। संदिग्ध हालात में मौत, परिवार कर रहा इंतजार सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के गिड़ा सोहड़ा निवासी रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसका परिवार पिछले एक महीने से पार्थिव देह का इंतजार कर रहा है। शव नहीं आने से पूरे परिवार की हालत बद से बदतर है। घर में हर दिन मातम पसरा रहता है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। एजेंटों पर मारपीट और शोषण के गंभीर आरोप मृतक के बड़े भाई गेनाराम ने बताया कि रमेश को काम दिलाने के नाम पर 4 एजेंट- सवाई खान, छोटू खान, बहादुर खान और चेनाराम, सऊदी अरब लेकर गए थे। रमेश को ऊंटों की देखभाल का हल्का काम बताया गया था, जिसमें 2-3 घंटे काम और फिर आराम, एसी कमरे और कूलर जैसी सुविधाओं का भरोसा दिया गया। लेकिन वहां पहुंचने पर हालात बिल्कुल उलट निकले। रमेश को 20-25 ऊंटों के बजाय करीब 100 ऊंटों की देखभाल करवाई जा रही थी। काम अधिक और लोग कम होने से उस पर लगातार दबाव बनाया गया। भाषा न समझ पाने के कारण उसे और अधिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि रमेश के साथ मारपीट की जाती थी और बहादुर खान नामक व्यक्ति, जो उसके साथ था, उसने भी कोई सहयोग नहीं किया। सांसद-विधायकों से गुहार, फिर कोर्ट की शरण रमेश की मौत की खबर के बाद परिवार ने सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इन नेताओं ने विदेश मंत्री और सऊदी दूतावास को पत्र लिखकर शव भारत लाने और निष्पक्ष जांच की मांग की। बावजूद इसके जब एक महीने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो परिवार को न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। सभी रिश्तेदार अपना काम धंधा छोड़कर एक माह से घर पर विलाप कर रहे है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। हमारी मांग है कि जल्द से रमेश का शव भारत में आए। वहां की जांच एजेंसियां निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलावें। सऊदी में मौत, एक महीने से शव का इंतजार:भाई बोला- एजेंट धोखे से ले जाकर मारपीट करते थे; हाईकोर्ट ने सऊदी दूतावास को भेजा नोटिस राजस्थान के युवक की सऊदी में मौत, दो साथी फंसे:20 दिन से परिजनों को बॉडी के आने का इंतजार, विदेश मंत्री से मिले सांसद


