सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज में अब म्यूजिक थैरेपी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मरीजों को सुबह भगवान के भजन तो शाम को पुराने गीत सुनाए जा रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार म्यूजिक थैरेपी से गंभीर मरीजों का दर्द व शारीरिक परेशानी से ध्यान डायवर्ट हो रहा है, वहीं तनाव में भी कमी आई है। दरअसल, अस्पताल प्रबंधन ने सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में दिसंबर महीने की शुरुआत से पूरे परिसर में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (पीएएस) शुरू किया है, जिसके जरिए म्यूजिक थैरेपी को इलाज की सहयोगी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जा रहा है। सकारात्मक हो रही शुरुआत
कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती देपालपुर की शर्मिलाबाई ने बताया कि म्यूजिक थैरेपी से अस्पताल का माहौल पहले से बेहतर हुआ है। नेफ्रोलॉजी विभाग में इलाज करवा रहे धार के रवि राठौर का कहना है कि सुबह भजनों से दिन शुरुआत सरात्मक हो रही। इमरजेंसी अलर्ट भी पीएएस सिस्टम से
पीएएस सिस्टम का उपयोग केवल संगीत तक सीमित नहीं है। इसके जरिए इमरजेंसी अलर्ट, सामान चोरी या अन्य घटनाओं की सूचना प्रसारित कर रहे। अस्पताल में बढ़ा रहे सुविधाएं
फिलहाल सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के 10 विभागों में 145 मरीज भर्ती हैं, जो कुल क्षमता का करीब 30 प्रतिशत है। लगातार सुविधाएं बढ़ा रहे हैं। तनाव कम होने के साथ रिकवरी हो रही
म्यूजिक थैरेपी से मरीजों का तनाव कम हो रहा है। साथ ही रिकवरी भी बेहतर हो रही है। – डॉ. डीके शर्मा, अधीक्षक, सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल


