सच्ची मित्रता में अहंकार का स्थान नहीं होता : कमलेश शास्त्री

भास्कर न्यूज | लुधियाना मॉडल ग्राम एक्सटेंशन स्थित राम भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का समापन रविवार को हुआ। जहां अंतिम दिन की कथा में पूरा परिसर राधे-राधे के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। व्यास पीठ से आचार्य कमलेश शास्त्री ने सुदामा चरित का अत्यंत मार्मिक चित्रण करते हुए बताया कि सुदामा और श्रीकृष्ण का मिलन वास्तव में जीव और ब्रह्म का मिलन है। जो यह संदेश देता है कि ईश्वर केवल निस्वार्थ भाव के भूखे हैं और सच्ची मित्रता में अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। राजा परीक्षित के मोक्ष के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार परीक्षित ने सात दिनों के कथा श्रवण से मृत्यु के भय को जीतकर परम पद प्राप्त किया। उसी प्रकार भागवत कथा कलयुग में मनुष्य के जन्म-मरण के बंधन काटने का एकमात्र मार्ग है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पार्षद कपिल कुमार सोनू पहुंचे। श्री लक्ष्मी नारायण अमावा कमेटी के प्रमुख सदस्यों टोनी कपूर, भूपिंदर मेहता, मोहिंदर बाठला, रवि दुआ, मोहिंदर मेहंदीरत्ता, कमल कपूर, सुदेश पंकज अरोड़ा और प्रदीप पंछी ने आचार्य की दिव्य वाणी की सराहना की। साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छ और शॉल भेंट कर भव्य अभिनंदन किया। श्री राम सेवक संघ चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव का समापन सामूहिक संकीर्तन महाआरती और दिव्य पुष्प वर्षा के साथ हुआ। सुबह 10 बजे लोक कल्याण के लिए भव्य हवन यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद विशाल भंडारे में प्रसाद वितरित होगा।

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