भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी में जो सड़कें 2 साल पहले बनी हैं, उन्हें तोड़ने वाले संस्थानों पर प्रशासनिक शिकंजा कसा जाएगा। शहर में बिना तालमेल और बिना अनुमति के बार-बार सड़कों की खुदाई करने वाली एजेंसियों और विभागों पर अब जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। सरकारी प्रवक्ता ने रविवार को ये जानकारी दी है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बिना लिखित मंजूरी के सड़क खोदने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। डीसी ने स्पष्ट किया कि कई बार नई बनी सड़कों को कुछ ही दिनों बाद पाइपलाइन या केबल बिछाने के लिए खोद दिया जाता है। इससे न केवल जनता के पैसे की बर्बादी होती है, बल्कि ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा भी बना रहता है। अब किसी भी खुदाई के लिए संबंधित अधिकारी या एजेंसी के प्रतिनिधि की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की गई है। डिप्टी कमिश्नर ने ये व्यवस्था बनाई 1. खुदाई से पहले मौजूदा सीवरेज, वाटर सप्लाई और यूटिलिटी लाइनों का सर्वे करना होगा और इसका सर्टिफिकेट जमा कराना होगा। 2. पिछले 2 साल के भीतर बनी सड़कों को खोदने के लिए एडीसी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय कमेटी से अनुमति लेनी होगी। 3. जहां भी काम चल रहा है, वहां एजेंसी का नाम और काम पूरा होने की संभावित तारीख का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। 4. सड़क को खोदने के बाद उसे तय समय के भीतर उसकी मूल स्थिति में वापस लाना होगा। 5. नियमों का उल्लंघन करने वाली प्राइवेट एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा व सरकारी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच होगी।


