राजधानी रायपुर में बारिश के दिनों में सड़कों पर भरने वाले पानी की समस्या से निजात दिलाने और नाले-नालियों का ओवरफ्लो रोकने 1500 करोड़ का अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम तैयार किया जाएगा। सीवरेज का नया चैनल तैयार किया जाएगा। इससे आने वाले कई वर्षों तक रायपुर में नालियां चोक होने और पानी ओवरफ्लो की समस्या नहीं रहेगी। इसका पूरा ड्राइंग-डिजाइन तैयार होगा, ताकि निगम में अफसरों के बदलने के बाद भी ड्रेनेज की पुख्ता जानकारी उन्हें मिल पाएगी। अभी निगम के अफसरों को ही नहीं पता कि शहर में कौन सा सीवरेज कहां से किस ओर गया है और कितना पुराना है। इस वजह से अंडरग्राउंड सीवरेज की सफाई में दिक्कत आती है। आने वाले 14 सालों में पीने के पानी की जरूरत को देखते हुए डूंडा में 130 करोड़ की लागत से 100 से 150 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) का फिल्टर प्लांट तैयार किया जाएगा। 250 करोड़ से पंडरी बस स्टैंड में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनेगा। लोक निर्माण विभाग एक्सप्रेस वे (टेमरी) से वीआईपी रोड को जोड़ने 156 करोड़ का फोरलेन सड़क बनाएगा। 186 करोड़ से सड्ढू-उरकुरा रोड भी बनाने का प्रस्ताव है। बिजली कंपनी 450 करोड़ की लागत से पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग करेगी और 131 करोड़ की लागत से रायपुर विकास प्राधिकरण खारुन रिवर फ्रंट का निर्माण करेगा। जल संसाधन विभाग व तकनीकी शिक्षा इत्यादि अन्य कई विभाग मिलकर राजधानी में आने वाले 2040 तक के लिए तैयार होने वाली योजनाओं पर 12692 करोड़ खर्च करेंगे। 2040 तक खाका तैयार राजधानी रायपुर के 2040 तक के विकास का खाका तैयार कर लिया गया है। इसमें सड़क, नाली, पानी इत्यादि बुनियादी सुविधाओं के साथ आधुनिक और तकनीकी विकास को शामिल किया गया है। इन योजनाओं पर लोक निर्माण, नगर निगम, जल संसाधन, बिजली कंपनी, हाउसिंग बोर्ड, आरडीए इत्यादि सभी विभाग मिलकर 12691.96 करोड़ की योजनाओं पर अगले 15 साल में मिलकर काम करेगे। मंगलवार को रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने राज्य शासन को पूरे शहर के विकास की योजनाओं का ब्लूप्रिंट बताया। एक शहर के विकास के लिए जिन-जिन क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है, उन सब को संगठित रूप दिया गया। तालाबों और उद्यानों का सौंदर्यीकरण तथा उनके रखरखाव की योजनाएं शहर की हरियाली के लिए महत्वपूर्ण होंगी। मास्टर प्लान में प्रस्तावित एमआर-43 और एमआर-11 सड़कों के चौड़ीकरण और नई सड़कों के लिए भी प्लानिंग में बजट तय किया गया है। मेट्रो की तरह विकसित होगा रायपुर : साय
रायपुर के विकास को लेकर के आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राजधानी को मेट्रो के रूप में विकसित किया जाएगा। कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी सुविधाओं पर फोकस रहेगा। नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पहले की तुलना में ढाई गुना ज्यादा संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। फंड की कमी नहीं होगी। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के लिए यह आवश्यक है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री खुशवंत सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, महापौर मीनल चौबे और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, कलेक्टर, निगम कमिश्नर समेत अधिकारी मौजूद थे।


