सड़कों पर अक्सर पुलिस को देखते ही चालान के डर से नजरें चुराने वाले वाहन चालकों के लिए इस बार नजारा कुछ बदला-बदला सा था। ट्रैफिक पुलिस ने कड़ाई के बजाय ‘गांधीगिरी’ का रास्ता चुना। शहर के विभिन्न चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने नियम तोड़ने वालों के हाथ में चालान थमाने के बजाय लाल गुलाब (Red Rose) भेंट किए, जिसे देख वाहन चालक न केवल चकित रह गए बल्कि अपनी गलती का अहसास कर भविष्य में नियमों के पालन की शपथ भी ली। ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला ने बताया कि “रेड रोज देकर समझाइश” करने के पीछे का उद्देश्य जनता के मन से पुलिस का डर निकालकर सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है। जब पुलिस ने फूल भेंट किए, तो वाहन चालकों ने भी मुस्कुराते हुए यातायात नियमों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का वादा किया। पीरू सिंह सर्किल पर खास ‘समझाइश’ अभियान ट्रैफिक इंचार्ज राधेश्याम सांखला के नेतृत्व में पीरू सिंह सर्किल पर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान टीआई के नेतृत्व में पुलिसकर्मी श्रवण कुमार, धनराज व अन्य जवानों ने निजी बस चालकों और दोपहिया वाहन चालकों को रोककर उनसे संवाद किया। हेलमेट की महत्ता: दोपहिया वाहन चालकों को सिर की सुरक्षा के लिए हेलमेट लगाने की अपील की गई। सीट बेल्ट और स्पीड: कार और बस चालकों को सीट बेल्ट बांधने और निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) में वाहन चलाने के निर्देश दिए गए। MV Act की जानकारी: ट्रैफिक कर्मियों ने वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की बारीकियों से अवगत कराया ताकि वे अनजाने में होने वाली गलतियों से बच सकें।


