जेएलएन मार्ग पर रविवार देर रात 2:40 बजे तेज रफ्तार न्यायाधीश की पट्टी लगी कार ने फौजी की गाड़ी को टक्कर मार दी। इसके बाद अनियंत्रित कार डिवाइडर से टकरा गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं लगी। पड़ताल में सामने आया कि कार रिमझिम, निवासी शिप्रापथ मानसरोवर के नाम पर है, जो घटना के दौरान कार में मौजूद नहीं थीं। रिमझिम अलवर के किशनगढ़ का वास में न्यायाधीश पद पर तैनात हैं। वहीं, हादसे के बाद न्यायाधीश की कार में सवार 4 जनों ने सड़क पर जमकर उत्पात मचाया। पुलिस ने जब कार की जांच करनी चाही तो उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले गई। बाद में बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। उधर, पुलिस ने कार से शराब की बोतलें और 1 पिस्टल भी बरामद किया। पिस्टल का रजिस्ट्रेशन भी न्यायाधीश रिमझिम के नाम
पर है। इसके कागजात पुलिस को बरामद हुए हैं। पुलिस को धमकी दी… बताएंगे तुमको, हम कौन हैं पुलिस ने बताया कि न्यायाधीश की कार में अनुज कुमार और उसके साथी बैठे हुुए थे। वहीं, दूसरी कार में फौजी विजयवीर सिंह निवासी हाथरस यूपी के थे। विजयवीर ने बताया कि उनके दादाजी जयपुर के महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती हैं। रविवार रात को वह रेलवे स्टेशन से खाना खाकर वापस लौट रहे थे। तभी ओटीएस चौराहे पर उनकी कार को तेज रफ्तार गाड़ी ने टक्कर मार दी थी। पुलिस पहुंची तो धमकी देने लगे कि बताऊंगा तुमको, हम कौन हैं। आरोपियों को पुलिस थाने ले गई, बाद में बिना कार्रवाई सभी को छोड़ा न्यायाधीश की कार में सवार युवक मौके पर पहुंची पुलिस से ही अभद्रता करते हुए उलझने लगे। उनसे धक्कामुक्की और मारपीट तक की। मामला बढ़ा तो पुलिसकर्मियों ने सभी को गाड़ी में बिठा लिया। इतने पर भी युवक पुलिस की एक सुनने काे तैयार नहीं थे। बोले- बताएंगे तुमको कि हम कौन हैं। इसके बाद सभी को मालवीय नगर थाने ले जाया गया। जहां से खानापूर्ति करने के बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर एसीपी मालवीय नगर आदित्य पूनियां ने बताया कि मामला एक्सीडेंट थाना पुलिस का होने के कारण किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई।


