भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिला मुख्यालय से अबूझमाड़ के ओरछा ब्लॉक को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। आमदई माइन्स से लौह अयस्क परिवहन के चलते सड़क पर गड्ढे और धूल का गुबार ही नजर आ रहा है। ऐसे में हलामी मुंजमेटा और नाऊ मुंजमेटा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए कलेक्टर से मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि कई साल पहले नारायणपुर-ओरछा सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन लौह अयस्क परिवहन कर रहे ट्रकों के चलते पूरी सड़क उधड़ गई और अब स्थिति यह है कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों का पैदल चलना तक दूभर हो चुका है। कई बार मांग के बावजूद सड़क निर्माण अब तक नहीं करवाया जा सका है। ग्रामीणों ने 10 दिनों के अंदर सड़क मरम्मत या निर्माण की शुरुआत न होने पर आमदई में चल रही निको जायसवाल माइन्स के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए पहले एस्टीमेट तैयार किया जाएगा, जिसके बाद इसे टेंडर प्रक्रिया में लाया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और खनिज अफसरों को भी समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि बीते कई सालों से इस सड़क की मरम्मत की मांग की जाती रही है, लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें और कुछ नहीं मिला। विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के खिलाफ वर्तमान वन मंत्री केदार कश्यप ने इसी सड़क को लेकर तीन घंटे तक चक्काजाम किया था और इस बात का भरोसा दिलवाया था कि भाजपा की सरकार बनते ही तीन महीनों के अंदर सड़क का निर्माण करवाया जाएगा, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बावजूद 1 साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।


