भास्कर न्यूज|गढ़वा गढ़वा शहर के सहिजना ग्रिड से जुड़े कई मोहल्लों में सोमवार की रात बिजली आपूर्ति करीब 12 घंटे तक बाधित रही। यह ब्लैकआउट शनिवार रात 11:30 बजे से लेकर रविवार की सुबह 10 बजे तक रहा। इस दौरान उमस भरी गर्मी में लोगों को रातभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा असर कल्याणपुर पुलिस लाइन से लेकर शांति निवास स्कूल तक के क्षेत्र में देखा गया, जहां कुल 8 ट्रांसफॉर्मरों से जुड़ी बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही अब आम बात हो गई है। किसी भी आपात स्थिति में विभाग तुरंत कार्रवाई नहीं करता। जब भी ऐसी कोई तकनीकी समस्या आती है, तो घंटों बिजली गुल रहती है और विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर देर से पहुंचते हैं या कई बार तो सूचना के बाद भी कोई नहीं आता। इस बार की समस्या का कारण भी इंसानी लापरवाही ही रही। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक भारी वाहन द्वारा एक बिजली पोल में धक्का मार दिया गया, जिससे उसमें लगे तार टूटकर गिर गए। इसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को सूचना दी, लेकिन रातभर कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे लोगों में विभाग के प्रति गहरा आक्रोश देखा गया। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारी कमल कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी नाली निर्माण के लिए गढ्ढ़े खोद रहे हैं। इसी कारण पोल की पकड़ कमजोर हो गई थी। शनिवार की रात वह टूट गया। आज विभाग के कर्मचारियों के प्रयास से इसे ठीक करा लिया गया है। रातभर बिजली बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हुई। कई लोगों ने तो मोबाइल फोन की रोशनी में रात काटी। वहीं बिजली नहीं रहने के कारण पानी सप्लाई भी बाधित हो गई, जिससे लोगों को सुबह के समय पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग को आपातकालीन व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए और मौके पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जनता को इस तरह की समस्याओं से राहत मिल सके। वहीं विभाग को चाहिए कि सड़क निर्माण के समय संवेदनशील स्थानों की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दे ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।


