सड़क पर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग एक आम लेकिन खतरनाक चलन बन चुका है। यातायात नियमों की अनदेखी और सिविक सेंस की कमी के चलते न केवल चालकों की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि राह चलते अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। हर चौराहे पर, हर सड़क पर ऐसे वाहन चालक नजर आ जाएंगे जो फोन पर बात करते हुए लापरवाही से वाहन चला रहे हैं। कई बार देखा गया है कि वाहन चालक कान में ईयरफोन लगाए, सिर झुकाए फोन स्क्रीन पर नजरें गड़ाए होते हैं, जिससे उनका ध्यान सड़क से भटक जाता है। यह आदत खुद उनके लिए तो घातक है ही, साथ ही सामने चल रहे वाहन या पैदल यात्रियों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन चलाते समय ध्यान का एक क्षण भी भटकना दुर्घटना का कारण बन सकता है। सड़क सुरक्षा अधिनियम के तहत वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है। इसके बावजूद लोग इस नियम की अनदेखी कर अपनी और दूसरों की जान को खतरे में डालते हैं। वाहन चालकों को भी समझना होगा कि मोबाइल पर एक कॉल या मैसेज जान से ज्यादा जरूरी नहीं है। यदि किसी जरूरी कॉल का जवाब देना है, तो वाहन एक सुरक्षित स्थान पर रोककर बात करें। यह केवल कानून का पालन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का विषय भी है।


