गर्मी के तीखे तेवर को देखते हुए जलदाय विभाग ने भरतपुर शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। मुख्य अभियंता (शहरी एवं एनआरडब्ल्यू) मनीष बेनीवाल ने जिले का निरीक्षण कर जल व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि गर्मी के दौरान किसी भी हाल में जल आपूर्ति में बाधा नहीं आनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए जलदाय विभाग द्वारा उठाए गए यह कदम भरतपुर वासियों को राहत देने वाले हैं। विभाग की यह सक्रियता यह सुनिश्चित करेगी कि नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में जल आपूर्ति मिलती रहे। मुख्य अभियंता ने फील्ड स्तर पर सतत निरीक्षण और समस्याओं के तत्काल समाधान की जिम्मेदारी तय की है। अधिकारियों को जल आपूर्ति के दौरान क्लोरीन एवं प्रेशर गेज से पानी के दबाव की माप भी करेंगे, ताकि अंतिम छोर तक पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जल दबाव और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं, ताकि अंतिम उपभोक्ता तक स्वच्छ और पर्याप्त जल पहुंचे। जलदाय विभाग ने अवैध कनेक्शनों के खिलाफ भी अभियान चलाया है। तिलक नगर, इंदिरा नगर और जसवंत नगर में कार्रवाई करते हुए करीब 37000 रुपए की बकाया राशि वसूली गई और 10 अवैध कनेक्शनधारियों को नोटिस जारी किए गए। एसीई लेकर जेईएन तक को दी जिम्मेदारी बेनीवाल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, अभियंता फील्ड में जाकर पेयजल के लिए निरीक्षण करेंगे और समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे। सभी अधिकारियों को विशेष रूप से जल आपूर्ति के दबाव और गुणवत्ता को अंतिम उपभोक्ताओं तक सुनिश्चित करने हेतु पाबंद किया है। सरकार के निर्देशों के अनुसार पेयजल आपूर्ति के निरीक्षण के लिए अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं। जिसके अनुसार अतिरिक्त मुख्य अभियंता को सप्ताह में एक बार पेयजल सप्लाई का निरीक्षण करना होगा। अधीक्षण अभियंता को दो बार, अधिशासी अभियंता को 3 बार सप्ताह में तीन बार निरीक्षण करना होगा।


