सड़क से सरकार तक पहुंचीं कर्मचारियों की आवाज:राज्य सहित नर्सिंग, मंत्रालयिक कर्मियों की मांगों की कतार

राज्य कर्मचारियों सहित अलग-अलग संवर्ग के कर्मचारियों की मांगों की सूची लगातार बड़ी होती जा रही है। पिछले दिनों राज्य कर्मियों सहित मंत्रालयिक, संविदाकर्मी, नर्सिंग, लैब टैक्निशियंस, सूचना सहायक, अनुदानित कर्मचारी व अन्य संवर्ग के कर्मचारी संगठनों की मांगों की सूची में 100 से अधिक मांगें शामिल की गई थीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से बजट पूर्व चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में यह बातें सामने आईं। असल में पिछले दो बजट में कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार की ओर से कई घोषणाएं की गई थीं। उनमें से कई के पूरा नहीं होने को लेकर भी कर्मचारियों में आक्रोश उस बैठक में साफ दिखाई दिया था। अब मुख्यमंत्री के भरोसा जताए जाने के बाद संगठनों में आस जगी है। कई महासंघ और विभागीय संगठनों के कारण लटकी मांगें वास्तविकता यह है कि राज्य में विभिन्न विभागीय संगठनों के महासंघ लगातार बढ़ते रहे हैं। वर्तमान में 5-6 कर्मचारी महासंघ बन गए हैं। यही नहीं, मंत्रालयिक सहित विभिन्न संवर्गों से जुड़े संगठनों की संख्या भी समानांतर रूप से कई-कई हो गई है। ऐसे में मांगों के समर्थन में कर्मचारियों की संयुक्त शक्ति नजर नहीं आती। ऐसे में पिछली कुछ सरकारों ने कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन दिया। अब ये मांगें, जिन्हें ताकत से उठाया राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ : बजट घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतरी। घोषणाओं के विधिवत आदेश तुरंत जारी करे सरकार। ​वर्तमान 9,18, 27 वर्ष के स्थान पर 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर चयनित वेतनमान दिया जाए। वेतन विसंगतियों के निस्तारण और पदनाम परिवर्तन के लिए समिति गठित कर निर्णय किया जाए। संविदाकर्मियों को नियुक्ति में 2 वर्ष की आयु छूट, ​आंगनबाड़ी कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर 3 लाख रुपए एकमुश्त आदि। राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र राना, महामंत्री विपिन प्रकाश शर्मा : खेमराज कमेटी की अस्वीकार रिपोर्ट का पुनः परीक्षण की कमेटी गठित की जाए। ठेका प्रथा की समाप्ति, 50% पेंशन के लिए क्वालिफाइंग सर्विस 25 वर्ष को 20 वर्ष करें, स्थानांतरण नीति बनाएं। लैब टेक्नीशियन संघ, प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिंह : लैब टेक्नीशियन की ग्रेड पे दूसरे राज्यों में 4200 रुपए है, जबकि यहां 2800 है, इसे बढ़ाया जाए। पदनाम पत्रावली को कैबिनेट से अनुमोदित कराया जाए। जांचों के निजीकरण को मंजूरी नहीं दी जाए। पैरामेडिकल की मेरिट एवं बोनस आधारित सीधी भर्ती की जाए। आयुष नर्सेज परिषद, प्रदेश अध्यक्ष उदय सिंह राघव : आयुष नर्सेज को मेडिकल नर्सेज के समान वेतन दिया जाए। कैडर रिव्यू कराया जाए। पदनाम परिवर्तन किया जाए। मेडिकल नर्सेज को भी भत्ता दिया जाए। राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राजसिंह चौधरी: ने बजट 2026-27 के संबंध में मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श किया। कर्मचारी संघों की कई मांगें: राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत), आयुष नर्सेज महासंघ, निजी सहायक संवर्ग महासंघ, राज्य कर्मचारी महासंघ, मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ, सचिवालय कर्मचारी संघ, लैब टेक्नीशियन संघ, सचिवालय निजी सचिव एवं निजी सहायक संघ, सचिवालय सहायक कर्मचारी संघ, सचिवालय अधिकारी सेवा संघ, आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ, शिक्षक संघ राष्ट्रीय, भारतीय मजदूर संघ, दिव्यांग कर्मचारी महासंघ, पटवार संघ।

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