सड़क हादसे में दिवंगत कांस्टेबल के परिवार को मिला संबल:पुलिस सैलरी पैकेज के तहत SBI ने सौंपा 1 करोड़ का चेक

झुंझुनूं में सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए कांस्टेबल संदीप कुमार के परिवार को आखिरकार वह आर्थिक संबल मिल गया, जिसकी उन्हें हादसे के बाद से प्रतीक्षा थी। रिजर्व पुलिस लाइन झुंझुनूं में पदस्थापित युवा कांस्टेबल संदीप का फरवरी 2025 में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। घटना ने न सिर्फ परिवार को बल्कि पूरे पुलिस महकमे को गहरा आघात पहुंचाया था। सोमवार को उनके परिजनों को भारतीय स्टेट बैंक की ओर से पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) बीमा कवरेज के तहत 1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय और भारतीय स्टेट बैंक, कलेक्ट्रेट शाखा के प्रबंधक ने संयुक्त रूप से यह चेक परिजनों को सौंपा। चेक सौंपने के दौरान पुलिस अधीक्षक ने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि संदीप का योगदान सदैव याद रखा जाएगा और पुलिस विभाग संकट की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि परिवार को आगे भी विभागीय स्तर पर हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। कांस्टेबल संदीप कुमार की अचानक हुई मृत्यु ने परिवार की आर्थिक और भावनात्मक स्थिति को झकझोर दिया था। संदीप की पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता इस घटना से टूट गए थे, लेकिन पुलिस विभाग और सहकर्मियों ने पिछले कुछ महीनों से परिवार की हर संभव मदद की। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उन्हें पुलिस सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाला ₹1 करोड़ का बीमा कवर प्राप्त हुआ। पुलिस सैलरी पैकेज, जिसे PSP के नाम से जाना जाता है, पुलिस विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच विशेष समझौते के तहत संचालित होता है। इस व्यवस्था के अनुसार, कार्यरत पुलिसकर्मियों को वेतन खाते के साथ एक विशेष बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। किसी भी पुलिसकर्मी की ड्यूटी के दौरान या ड्यूटी के बाद दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके आश्रितों को अधिकतम 1 करोड़ तक की राशि बीमा कवर के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना का उद्देश्य पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी आर्थिक सुरक्षा का भरोसा देना है। झुंझुनूं जिले में अनेक पुलिसकर्मी इस पैकेज के तहत सुरक्षित हैं। विभाग के अनुसार, कई बार अचानक होने वाली घटनाओं से परिवारों को आर्थिक रूप से बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में PSP जैसी योजनाएं उनकी मदद के लिए प्रभावी साबित होती हैं।

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