भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा गीदम वेयरहाउस में सड़ चुके चावल की गुणवत्ता प्रशासन अब तक नहीं जांच पाया है। रायपुर से राज्य स्तरीय जांच टीम को गुरुवार को दोबारा गीदम वेयरहाउस आना पड़ा, क्योंकि पिछली बार टीम अपने साथ चावल का सैंपल नहीं ले गई थी। राज्य स्तरीय क्वालिटी टीम ने गुरुवार को गोदाम के सभी स्टेक का विस्तृत निरीक्षण किया। 18 स्टेक से अलग-अलग सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए सेंट्रल लैब भेजा जाएगा। टीम में रायपुर से आए दो क्वालिटी इंस्पेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने प्रारंभिक निरीक्षण के बाद साफ कहा चावल की स्थिति बेहद डल और संदिग्ध है, जांच के बाद ही तथ्य स्पष्ट होंगे। बता दें कि गीदम वेयरहाउस में इस समय 61 हजार बोरा यानी 30 हजार क्विंटल चावल भरा हुआ है। खराब गुणवत्ता ने पूरे वेयरहाउस प्रबंधन को संकट में डाल दिया है। चावल में कीड़े बिलबिला रहे हैं। भीषण दुर्गंध पूरे गोदाम में फैली है। अधिकांश बोरे खराब हैं। बड़ी चिंता का विषय यह है कि खराब चावल की जानकारी होने के बावजूद 10 हजार क्विंटल से अधिक चावल पीडीएस दुकानों में बांटा जा चुका है। दंतेवाड़ा व गीदम की कई राशन दुकानों में यह चावल पहुंच चुका है। सभी 6 बैरक में रखे गए चावल खराब पाए गए हैं निरीक्षण के दौरान यह पुष्टि हुई कि वेयरहाउस के सभी 6 बैरकों में चावल खराब हो चुका है। दवाइयों का छिड़काव किया गया, लेकिन आज जब कैप-कवर हटाए गए तो स्थिति जस की तस मिली। चावल के बने लट्टू अभी भी जस के तस हैं, जो लंबे समय से नमी और खराब भंडारण का संकेत देते हैं।


