सतना में एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) छात्र संघ के प्रतिनिधि और छात्र सोमवार देर रात भूख हड़ताल पर बैठ गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। एसडीएम राहुल सिलड़िया और थाना प्रभारी सुदीप सोनी सहित पुलिस बल उन्हें समझाने पहुंचा, लेकिन छात्र डटे रहे। देर रात तक चली वार्ता के बाद प्रशासन ने मौके पर अलाव और सुरक्षा की व्यवस्था की। छात्रों की इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य हालिया परीक्षा परिणामों में सामने आई विसंगतियों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। वे छात्रों के शैक्षणिक भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहते हैं। छात्र संघ के अनुसार, हाल की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्रों को केवल 1, 2 या 3 अंकों के अंतर से अनुत्तीर्ण घोषित किया गया है। इनमें से कई छात्र अन्य शिक्षण संस्थानों में आगे की पढ़ाई के लिए प्रवेश ले चुके हैं। छात्र संघ का कहना है कि यदि उनके परिणाम शीघ्र संशोधित नहीं किए गए, तो उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो सकता है, जिससे उनका व्यवसायिक भविष्य भी प्रभावित होने की आशंका है। छात्रों ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग यह है कि जिन विद्यार्थियों को 1 से 3 अंकों के अंतर से अनुत्तीर्ण दिखाया गया है, उन्हें तत्काल उत्तीर्ण घोषित किया जाए। दूसरी मांग के तहत ऐसे छात्रों की अंकतालिकाओं में तुरंत संशोधन कर उनके प्रवेश को सुरक्षित रखा जाए। तीसरी मांग में कहा गया है कि जिन मामलों में पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है, उन्हें शीघ्र पूरा कर अंतिम आदेश सार्वजनिक किए जाएं। चौथी मांग के रूप में छात्रों ने कार्रवाई की लिखित रिपोर्ट पांच कार्यदिवसों के भीतर उपलब्ध कराने की अपील की है। छात्र संघ ने प्रशासन से छात्रहित में शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।


