सतना में एक और खून का दलाल गिरफ्तार:नाम बदलकर बेचता था, ड्रग इंस्पेक्टर की शिकायत पर FIR, तीन दिन में पांच आरोपी पकड़ाए

सतना में ब्लड दलालों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम सिटी के स्टिंग ऑपरेशन के बाद 4 हजार रुपए में एक यूनिट ब्लड बेचने वाले आरोपी की जानकारी पर पुलिस ने एक और दलाल को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी का नाम अंकित नामदेव है, जिसे जिला अस्पताल के सामने से पकड़ा गया। यह कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे की शिकायत पर की गई है। खास बात यह है कि पहली बार ब्लड दलालों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125(ए), 271 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीन दिन में पांच आरोपी पकड़े गए पिछले तीन दिनों में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया के स्टिंग ऑपरेशन के तहत कुल पांच आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इनमें से तीन आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। शनिवार को पकड़े गए दोनों आरोपियों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नाम बदलकर करता था दलाली स्टिंग ऑपरेशन में पकड़ा गया मुख्य आरोपी पुलिस पूछताछ में अपना नाम शिवम वर्मा, निवासी पवैया बता रहा था। ब्लड बैंक के रिकॉर्ड में भी उसका नाम शिवम वर्मा दर्ज था, लेकिन मोबाइल नंबर किसी विजय वर्मा के नाम पर था। जांच में सामने आया कि शिवम वर्मा ही असल में विजय वर्मा है और वह लोगों को गुमराह करने के लिए नाम बदलकर काम कर रहा था। तलाशी में मिली नशीली गोली सिटी कोतवाली में आरोपी शिवम उर्फ विजय वर्मा की तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक लिफाफा मिला, जिसमें प्रतिबंधित स्पॉसमो प्रॉक्सवान कैप्सूल बरामद हुई। इसे आमतौर पर नशेड़ी “नीली गोली” के नाम से जानते हैं। पुलिस ने आरोपी के परिजनों को सूचना दे दी है और उसकी पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड मंगवाया गया है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि ब्लड की कालाबाजारी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्लड का सौदागर कैमरे में कैद, 1यूनिट के बदले 4000 सतना में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने खून की दलाली कर रहे एक और युवक का शनिवार को स्टिंग ऑपरेशन किया। इसमें पुलिस की मदद से एक दलाल को रंगे हाथ पकड़ा गया। ये दलाल 4 हजार रुपए में एक यूनिट ब्लड अरेंज करवाने को राजी हुआ था। दैनिक भास्कर की टीम ने भी इस स्टिंग में मदद की। अब पुलिस दलाल से यह पता कर रही है कि आखिर यह पूरा नेटवर्क ऑपरेट कैसे होता था। पूरी खबर पढ़ें…

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