सत्य ही ईश्वर का साक्षात स्वरूप है: पं. शुभम

सिविल लाइंस स्थित श्री दण्डी स्वामी तपोवन आश्रम में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा के छठे दिन भक्ति की निंरतर धारा बही। गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर शनिवार को कथा व्यास पं. शुभम तिवारी ने राजा सत्यव्रत की कथा और मां शाकंभरी अवतार का मार्मिक वर्णन किया। कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को कहा कि राजा सत्यव्रत का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। सत्य ही ईश्वर का साक्षात स्वरूप है। इसके पश्चात जब पृथ्वी पर अकाल पड़ा और हाहाकार मच गया तब मां भगवती ने शाकंभरी रूप धारण किया। मां ने अपने शरीर से उत्पन्न शाक-भाजी और फलों से समस्त सृष्टि का पोषण किया। शनिवार को हुई इस कथा में विशेष रूप से शुभम मलिक, शकुंतला देवी, पारुल मलिक, मीरा और आशा माटा उपस्थित रहे। छठे दिन की कथा के विश्राम पर मां भगवती की विशेष महाआरती का आयोजन किया गया।

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