सदर अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज के लिए अलग वार्ड बनकर लगभग तैयार है। इसे पुराने कुपोषण उपचार केंद्र में बनाया गया है। जिले के किसी सरकारी अस्पताल में पहली बार 10 बेड का विशेष वार्ड निजी अस्पतालों के स्पेशल वार्ड की तर्ज पर बनाया जा रहा है। बाद में मरीजों की संख्या को देखते हुए जरूरत के अनुसार इसका विस्तार किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने योजना के लाभुक मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की है। इससे उसे योजना से इलाज कराने वालों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। अभी सामान्य व सर्जरी के मरीज होंगे भर्ती, बाद में दूसरे विभागों के लिए भी सुविधा सदर के आयुष्मान वार्ड में फिलहाल जेनरल आैर सर्जरी विभाग के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। आनेवाले दिनों में दूसरे विभागों के मरीजों को भी इस वार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अस्पताल को आर्थिक लाभ होगा और उसका फायदा अन्य मरीजों को भी मिलेगा। आयुष्मान के तहत अस्पताल को मिलने वाले पैकेज और राजस्व का उपयोग मरीजों की सुविधा, इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने और वार्ड को अत्याधुनिक बनाने में किया जाएगा। विशेष वार्ड में विकसित कर रहे सुविधाएं जिले में 5 लाख कार्डधारक, 12 सरकारी और 22 निजी अस्पताल पैनल से हैं जुड़े धनबाद जिले में आयुष्मान कार्डधारकों की संख्या करीब 5 लाख है। इस योजना से जिले के 12 सरकारी अस्पताल आैर 21 निजी अस्पताल इंपैनल्ड हैं। हालांकि, अभी 8 निजी अस्पतालों को डी-इंपैनल्ड कर दिया गया है आैर 4 निजी अस्पताल सस्पेंड हैं। जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत सबसे अधिक मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जा रहा है। आरामदायक बेड, अच्छा भोजन, 24 घंटे निगरानी : विशेष वार्ड में सभी बेड के चारों तरफ पर्दे होंगे। मरीजों को आयुष्मान किट दी जाएगी, जिसमें उनकी जरूरत की चीजें होंगी। आरामदायक बेड, स्वच्छ वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन और 24 घंटे मेडिकल निगरानी जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इससे अधिक-से-अधिक मरीज इलाज के लिए यहां आना बेहतर समझेंगे।


