भास्कर न्यूज | चिरमिरी भारत माता को परम वैभव पर प्रतिष्ठित करने और रामराज्य की स्थापना के संकल्प के साथ गोदरीपारा स्थित श्रीराधाकृष्ण मंदिर प्रांगण में एक दिवसीय हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातनी हिंदुओं को एकजुट कर समाज, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए जागरूक करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत महिला मंडल द्वारा किए गए श्रद्धापूर्वक सुंदरकांड पाठ से हुई। इसके बाद ‘वंदे मातरम’ के नारों और नन्हीं बच्चियों द्वारा प्रस्तुत किए गए देशभक्तिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया। आयोजन समिति द्वारा इस अवसर पर क्षेत्र के संत-महात्माओं और समाज प्रमुखों का सम्मान किया गया। कथावाचक सुदर्शन दास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में परिवारों को मोबाइल से हटकर रामचरितमानस की ओर मुड़ना होगा। उन्होंने जोर दिया कि यदि बच्चे रामायण की चौपाइयों से परिचित होंगे, तो उनमें स्वतः ही अच्छे संस्कारों का विकास होगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि सुबह-शाम सपरिवार मंदिर जाने की परंपरा को पुनः जीवित करें। गायत्री परिवार के अमर सिंह और धर्म जागरण समिति के सह प्रांत संयोजक अरविंद मिश्रा ने धर्मांतरण को सनातन के लिए बड़ा खतरा बताया। अरविंद मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म वैज्ञानिक आधारों पर टिका है। जब दुनिया कपड़े पहनना सीख रही थी, तब सनातन धर्म में नक्षत्रों और ग्रहों की गणना की जा रही थी। उन्होंने कहा धर्मांतरण को रोकने जनजातीय भाइयों को गले लगाना और घर वापसी को बढ़ावा देना अनिवार्य है। कार्यक्रम का संचालन फणींद्र हमाम मिश्रा ने किया। इस दौरान महापौर रामनरेश राय, चिरमिरी थाना प्रभारी विजय सिंह सहित सभी समाजों के प्रमुख और बड़ी संख्या में मातृशक्ति व युवा उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन हिंदू समाज को संगठित रखने और सनातन मूल्यों को जीवन में अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।


