सफर में आसानी:इस साल चलेंगी 75 ई-बसें, ट्रैफिक प्लान बताएगा आरओबी-चौराहों में क्या सुधार हों

2026 के मध्य तक बीकानेर की सड़कों पर 75 ई-बसें अलग-अलग रूटों पर दौड़ेंगी। पिछले वर्ष की शुरूआत में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बीकानेर शहर को भी 75 ई बसें देने का वादा किया था। केन्द्र सरकार ने राजस्थान के शहरों के लिए टेंडर कर दिया और नगर निगम ने चार्टेड स्पीड नाम की फर्म के साथ एग्रीमेंट भी कर लिया। मयंक मनीष ने उस पर हस्ताक्षर किए। केन्द्र सरकार ने 10 हजार इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 1310 करोड़ रुपए पहले ही आवंटित कर चुकी थी। राजस्थान में अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और जयपुर में ई-बसों का संचालन शुरू हो गया है। इसके लिए सिविल स्टैंड के लिए महाराजा गंगासिंह विवि के सामने गोचर में 5 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई है। सर्वे किए जाने के बाद स्टैंड बनाने की तैयारी चल रही है। यहीं इनका मूल स्टैंड होगा। बसें सुबह 5 बजे से रवाना होकर रात 10 बजे तक अपने रूट पर चलेंगी। रात में यहां आकर खड़ी होंगी। यहीं इनके चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। पूरी रात बसें चार्ज होकर फिर अगले दिन रूट पर रवाना होंगी। 10 से 12 मीटर वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा 35 लाख रुपए, 8 से 10 मीटर के लिए 25 लाख रुपए और 6 से 8 मीटर के लिए 20 लाख रुपए तय की गई है। 14 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के शहरों के लिए 7293 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी भी दे गई जिसमें बीकानेर शहर भी शामिल है। बिजली और सिविल डिपो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 983.75 करोड़ रुपए की राशि भी मंजूर हो गई है। चार्टर्ड स्पीड ने 900 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चलाने का टेंडर लिया है जिसके पास राजस्थान भी है। जनवरी में तय हो जाएगा बसों का रूट बीडीए बनने के बाद ई-बसों का दायरा भी सिर्फ शहर नहीं होगा। पहले कई बार सिटी बसें चलाई गई मगर वे सफल नहीं हुई। अब नए सिरे से बसें चलेंगी और ये इसलिए सफल होंगी क्योंकि इसे एक फर्म चलाएगी। इसके लिए रूट शहर से बाहर देशनोंक, सैरुणा, कोडमदेसर, नाल, बीछवाल जैसे इलाके शामिल होंगे। शहर से पुराने हो चुके ऑटो हटाए जा सकते है क्योंकि वे शहर में प्रदूषण फैला रहे हैं। ट्रैफिक सर्वे से पता चलेगा कहां क्या हो नगर निगम ने ट्रैफिक प्लान कराने का जो सर्वे दिया है उसकी रिपोर्ट इस महीने आएगी। उसके बाद ही पता चलेगा कि शहर के ट्रैफिक से लेकर सड़क, आरओबी और अन्य चीजों में क्या सुधार होना चाहिए।

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