झालावाड़ में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की उपाध्यक्ष अंजना पंवार ने अध्यक्षता की। जिला परिषद के सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, सफाई कर्मचारी, संगठनों के प्रतिनिधि और अनुबंधक शामिल हुए। बैठक में पंवार ने बताया कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का मुख्य उद्देश्य देशभर के सफाई कर्मचारियों के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक पुनर्वास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी अपने कार्यकाल की शुरुआत स्वच्छ भारत अभियान से की थी, जो सफाई कर्मचारियों के महत्व को दर्शाता है। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विशेष शिविर आयोजित करें, जिसमें सफाई कर्मियों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए और उन्हें इन योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। यह पहल सफाई कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि समाज में सफाई कर्मचारियों एवं उनके कार्य की महत्ता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी अन्य कर्मचारी की। सफाई कर्मचारियों को प्रत्येक मूलभूत सुविधा एवं सम्मान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब देश कोरोना जैसी भयावह महामारी से जूझ रहा था तब ये लोग अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी जिम्मेदारी निभाने में लगे हुए थे। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि हमें भी सफाई कर्मियों की प्रत्येक छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत पहुंचानी चाहिए। 1 से 7 तारीख तक वेतन
बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 1 से 7 तारीख के मध्य वेतन का भुगतान हो जाए चाहे वे राजकीय कार्मिक हो या प्लेसमेन्ट कार्मिक। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को राज्य सरकार के माध्यम से मिलने वाले वर्दी भत्ते की राशि में वृद्धि करने का प्रस्ताव बनाकर भिजवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को अन्य स्रोतों अथवा भामाशाहों के माध्यम से सर्दियों में स्वेटर व जैकेट, बारिश में रेनकोट तथा जूते भी उपलब्ध कराए जाने के प्रयास करें। सेहत की जांच हो
श्रीमती पंवार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों की वर्ष में कम से कम एक या दो बार स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाई जाए। जिसमें उनके पूरे शरीर से जुड़ी प्रत्येक प्रकार की जांच हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सफाई कर्मी का पहचान-पत्र बनवाएं तथा उसमें सामान्य जानकारी के अतिरिक्त सफाईकर्मी का ब्लडग्रुप, ईएसआईसी संख्या एवं पीएफ संख्या अंकित होनी चाहिए। सफाई कर्मियों के लिए 2 कमरों का निर्माण
उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने नगरीय निकाय क्षेत्र में सफाई कर्मियों के लिए 2 कक्षों का विशेष स्थान बनाएं अथवा चिह्नित करें, जहां सफाई कर्मी अपनी वर्दी बदल सके, महिला सफाई कर्मी अपने बच्चों के साथ बैठ सके तथा वहां सफाई कर्मियों की उपस्थिति भी ली जा सके। इस संबंध में उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी अपने घर से साफ कपड़ों में आए तथा साफ कपड़ों में ही घर वापस जाए ताकि गंदगी से होने वाली बीमारियां उनके साथ उनके घर न जा सके और उनका परिवार सुरक्षित रहे। इस दौरान उन्होंने जिला अग्रणी बैंक अधिकारी को सीएसआर फण्ड के माध्यम से सफाई कर्मियों की बस्तियों के पार्क आदि में झूले-चकरी लगवाने सहित स्वेटर, जर्सी, जूते आदि सफाई कर्मियों को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मियों की बस्तियों में सामुदायिक भवन, लाइब्रेरी एवं बच्चों को अच्छी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने लम्बित पेंशन प्रकरणों एवं अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों की जानकारी लेते हुए कहा कि किसी भी सफाईकर्मी की सेवानिवृत्ति होने पर नगरीय निकाय के उच्च स्तरीय अधिकारियों ने ससम्मान शॉल व प्रतीक चिन्ह देकर उनकी विदाई की जानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने सफाई कर्मियों की नियमित रूप से पदोन्नति के संबंध में भी आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान सफाई कर्मचारियों एवं सफाई कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न समस्याओं एवं मांगो से राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की उपाध्यक्ष को अवगत कराया। यह रहे मौजूद
बैठक में एसपी ऋचा तोमर, जिला परिषद सीईओ शम्भुदयाल मीणा, एडिशनल एसपी चिरंजीलाल मीणा, एसडीएम अभिषेक चारण, नगर परिषद् झालावाड़ के सभापति संजय शुक्ला, निवर्तमान जिलाध्यक्ष संजय जैन , पूर्व पार्षद रवि संगत, नगर परिषद आयुक्त नरेन्द्र मीणा, नगर पालिका झालरापाटन ईओ हेमेन्द्र कुमार, नगर पालिका भवानीमण्डी ईओ मनीष मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं सफाई कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधि एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।


