भास्कर न्यूज |लुधियाना अमर शहीद बाबा दीप सिंह जी के पवित्र स्मृति स्थल गुरुद्वारा साहिब मॉडल टाउन एक्सटेंशन में आयोजित जप तप समागम में संगत का ऐसा उत्साह देखने को मिला। इसने हर दिल को गुरबाणी की शक्ति का अहसास करा दिया। इस अवसर पर सैकंडों श्रद्धालु एकत्र हुए और एक स्वर में वाहेगुरु सिमरन करते हुए दिव्यता से परिपूर्ण वातावरण निर्मित किया। बिजली की बार-बार कटौती और तेज उमस के बावजूद संगत टस से मस नहीं हुई। दरबार हॉल में संगत ने मोबाइल की रोशनी में पाठ जारी रखा, जबकि बाहर की संगत बारिश में भीगते हुए गलियों और सड़कों पर बैठकर वाहेगुरु का जाप करती रही। यह दृश्य श्रद्धा और भक्ति की पराकाष्ठा को दर्शाता है।समागम की शुरुआत श्री जपुजी साहिब के पाठ से हुई। स्त्री सत्संग सभा की महिलाओं ने सामूहिक रूप से श्री सुखमणि साहिब, चौपाई साहिब के पाठ किए। बीबी चरणदीप कौर ने संगती रूप में पांच बार जपुजी साहिब का पाठ किया, जिसके पश्चात पूरे समागम में गुरबाणी और सिमरन की लहर दौड़ पड़ी। मनप्रीत सिंह, गुरप्रीत कौर और मंजीत कौर ने बताया कि पिछले एक वर्ष से युवा संगत द्वारा लंगर और पानी की सेवा लगातार की जा रही है। वे अपनी कमाई में से दसवंत निकालकर इस सेवा में समर्पित करते हैं और हर समागम में सुबह से शाम तक निस्वार्थ सेवा देते हैं। संदीप शर्मा जो पिछले चार वर्षों से इस समागम से जुड़े हैं, ने भावुक होकर कहा, यह स्थान इतना शक्तिशाली है कि यहां की गई हर अरदास स्वीकार होती है। बाबा दीप सिंह जी का आशीर्वाद हर श्रद्धालु को मिलता है। संगत ने सतगुरु तुमरे काज सवारे,जन की पैज रखी करतारे, सब ते बड़ा सतगुरु नानक जिन कल राखी मेरी, नाम मिलै ता जीवा” जैसे गुरबाणी शब्दों का भावपूर्ण गायन किया, जिससे समस्त वातावरण भक्ति में डूब गया। समागम के अंत में सभी संगत ने एक साथ अरदास की और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का हुक्मनामा लिया। तत्पश्चात संगत ने प्रेमपूर्वक गुरु का अटूट लंगर छका। इस पवित्र अवसर पर सुरिंदर पाल सिंह बिंद्रा,सुखविंदर पाल सिंह सरना, हरप्रीत सिंह राजधानी, नवप्रीत सिंह बिंद्रा और अमरजीत सिंह टिक्का जैसे प्रमुख श्रद्धालु भी उपस्थित थे।


