छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर अब महानगर बनने की ओर अग्रसर है। शहर की परिधि करीब 230 किमी और आबादी 20 लाख के पार पहुंच गई है। लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज शहर का बड़ा दर्द बन गया है। औपचारिकता के लिए महज 36 सिटी बसें ही संचालित हैं। हालात ये हैं कि भाठागांव बस स्टैंड समेत 16 प्रमुख रूटों में से 6 पर ही सिटी बसें एकाध बार ही जाती हैं। ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन बेतरतीब तरीके से हो रहा है। शहर में बस स्टॉप तो बनाए गए हैं पर वे केवल दिखाने के हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुधारने को लेकर शासन के सभी प्रयोग नाकाम रहे। दैनिक भास्कर अपने अभियान के तहत शहर के इसी दर्द को सामने ला रहा है। आज पहली रिपोर्ट में पढ़िए शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का हाल… रायपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट दुर्दशा में है। साल 2008 में सिटी बसों की शुरुआत 100 बसों से हुई थी। कोरोना में करीब डेढ़ साल तक बसें खड़ी रहीं। ऑपरेटर से विवाद से करीब साल भर बसें नहीं चल पाईं। करीब तीन साल बद नए ऑपरेटर को काम दिया गया, जिसने 36 बसों को चलने लायक स्थिति में बताया। भास्कर रिपोर्टर पचपेढ़ी नाका, पुराना विधानसभा चौक, कचना, भारत माता चौक शंकर नगर, भनपुरी चौक, तेलीबांधा, भाठागांव, रायपुरा, टाटीबंध और सेजबहार जैसे प्रमुख मार्गों पर पहुंचे। इनमें से कुछ रूटों पर सिटी बसें तो चल रही हैं, लेकिन वो कब आएंगी, कब जाएंगी इसका पता नहीं। टाटीबंध क्षेत्र में एम्स है। यहां प्रदेश के साथ ही दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं। कुम्हारी, सरोना, भनपुरी, दुर्ग जाने के लिए भी यहीं से रास्ता कटा हुआ है, लेकिन इस क्षेत्र में एक भी सिटी बस नहीं चलती। मजबूरन लोगों को रेलवे स्टेशन जाने के लिए 200 से 250 रुपए खर्च कर ऑटो बुक करना होता है। या प्रति व्यक्ति 50 रुपए तक चुकाने होते हैं। इसी तरह बस स्टैंड जाने के लिए 200 रुपए तक खर्च करने होते हैं। पुराना विधानसभा चौक – सिटी बस स्टॉप, पर ऑटो वालों की मनमानी सारागांव और बलौदाबाजार रूट की बसें पुराना विधानसभा चौक से भाठागांव बस स्टैंड के लिए मुड़ जाती हैं। शहर के अंदर आने के लिए हर 20 मिनट में सिटी बस है। बस स्टॉप तो नहीं है लेकिन फ्लाईओवर के नीचे बस स्टॉप का बोर्ड जरूर लगा है। ई- रिक्शा चालक से पूछा- स्टेशन जाना है, कितना लोगे? चालक ने कहा- 300 रुपए लगेंगे। शेयरिंग ऑटो में 50 रुपए लगेंगे, लेकिन सवारी पूरी होने पर ही चलेंगे। हालांकि, पास ही खड़े डीजल ऑटो चालक ने स्टेशन जाने का रेट 250 रुपए बताया। जबकि पुराने विधानसभा चौक से रेलवे स्टेशन की दूरी महज 9 किमी है। भाठागांव बस स्टैंड – अन्य राज्यों से बसें आ रहीं, पर यहां से सिटी बसें नहीं चलतीं अंतरराज्यीय बस स्टैंड से सिटी बसों का संचालन ही नहीं होता। इससे स्टैंड पर चलने वाले ऑटो चालक चौक तक जाने के लिए 150 रुपए, तो वहीं बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक के लिए 200 रुपए रिजर्व में वसूल रहे हैं। भनपुरी चौक – 3 घंटे में सिर्फ एक बस, 10 की जगह चुकाने पड़ रहे 50 रुपए भनपुरी चौक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट है। सोमवार को खमतराई से उरला और सिलतरा के लिए 3 घंटे में एक ही बस निकली। 3 ऑटो वालों ने भनपुरी चौक से सिलतरा के 12 किमी के सफर के लिए 50 रुपए मांगे। जबकि सिटी बस का किराया 10 रुपए है।


