भास्कर संवाददाता | बड़वानी यह हम सब जानते हैं कुष्ठ रोग साध्य है व यह भी समय पर इलाज लेने से सामान्य बीमारी की तरह ही ठीक हो जाता है। लेकिन ज्यादातर लोग जागरूकता के अभाव में इसे छुपाते हैं और बीमारी को गंभीर अवस्था में परिवर्तित होने के बाद जब सामाजिक चर्चा का विषय बनने लगते हैं तब इलाज के लिए आते हैं। तब तक शारीरिक क्षति हो चुकी होती है। यह बात आशाग्राम ट्रस्ट में स्टेट कार्डिनेटर डॉ. विशाल देसाई ने कही। उन्होंने कहा आशाग्राम ट्रस्ट में कुष्ठ रोगियों के समग्र पुनर्वास के लिए सभी आयाम साकार हो रहे हैं। एक और जहां कुष्ठ कॉलोनी में यह लोग परिवार के साथ रह रहे हैं। चिकित्सा के लिए शासकीय और अशासकीय दोनों सुविधा परिसर में ही उपलब्ध है। सुंदर प्राकृतिक वातावरण के बीच स्वच्छंद विचरण करने वाले कुष्ठ रोगी एक सामान्य जीवन जीकर अन्य कुष्ठ कॉलोनियों के लिए आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं। यहां उनकी समस्या का समाधान के लिए शिविर व अन्य सहयोगी कार्यक्रम इनके जीवन को सुगम बना रहे हैं। राज्य पदाधिकारी सतीश चौधरी, जिला समन्वयक विपुल चतुर्वेदी ट्रस्ट के सचिन दुबे, मनीष पाटीदार, मणिराम नायडू, फिजियोथैरेपिस्ट धर्मेंद्र सोनी मौजूद थे।


