बोरावां | ग्राम सावदा में श्रीमद् देवी भागवत कथा जारी है। चौथे दिन शनिवार को कथावाचक पं. शिव गुरु ने कहा भगवान की भक्ति व भजन समय रहते कर लेना चाहिए। क्योंकि बुढ़ापे में भक्ति करने की शक्ति नहीं रहेगी और ना ही शरीर साथ देगा। सत्संग व भगवान का भजन करने से ही मां भगवती प्रसन्न होती है। हर पुत्र का धर्म है कि वह अपनी मां की सेवा निस्वार्थ भाव से करें। गुरु जी ने कहा जिस प्रकार एक बीज में कई फल होते हैं, लेकिन वह दिखाई नहीं देते हैं। ठीक उसी प्रकार मां भगवती की जितनी भी शक्तियां है, जितने भी रूप है, जितनी भी लीलाएं हैं वह हमें दिखाई नहीं देती, लेकिन सभी रूप व शक्तियां बीज मंत्र में समाहित होती है। बाहर के श्रद्धालुओं को उनके गांव तक छोड़ने की व्यवस्था निशुल्क की गई है।


