भास्कर न्यूज|कोडरमा पासवा के एक के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को विधायक डॉ. नीरा यादव से मिलकर निजी विद्यालयों को संचालित करने में आ रही समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से झारखंड में निजी स्कूलों को मान्यता देने में आ रही जमीन की बाध्यता पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि राज्य में हजारों निजी विद्यालय ऐसे हैं जो आरटीई 2019 संशोधन से पहले ही बन चुके हैं। इन स्कूलों ने जिला शिक्षा विभाग को प्रपत्र-1 भरकर पहले से जमा किया है। प्रतिनिधियों ने मांग की कि आरटीई 2019 संशोधन को निरस्त कर आरटीई 2009 और 2011 के अधिनियम के अनुसार समय सीमा तय कर मान्यता दी जाए। यू-डाइस प्राप्त स्कूलों को तुरंत औपचारिक मान्यता दी जाए। साथ ही पांच साल की अवधि में मानक अर्हता पूरी करने का मौका मिले। विद्यालयों में नामांकित बच्चों की संख्या के आधार पर जमीन की बाध्यता को शिथिल किया जाए। खेल मैदान और अन्य गतिविधियों के लिए कुल भूमि का दो तिहाई हिस्सा खाली रखने की अनिवार्यता हटाई जाए। इसके स्थान पर प्रार्थना सभा के लिए जगह होना जरूरी किया जाए। मौके पर अभय कुमार, तौफीक हुसैन, अध्यक्ष डॉ. बीएनपी बरनवाल, प्रवीण कुमार बरनवाल, अजय कुमार, दिलीप कुमार बरनवाल सहित अन्य मौजूद थें।


