समाज को शिक्षा के साथ संस्कारों से जोड़ने की मुहिम:23 साल पहले शुरू हुई राजपुरोहित सेवा न्यास करेगी 700 विद्यार्थियों का सम्मान

समाज में शिक्षा के साथ संस्कारों का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य सेजोधपुर में राजपुरोहित सेवा न्यास को ओर से समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं का सम्मान समारोह 27 दिसंबर शनिवार को सुबह 10 बजे से पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में होगा। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली समाज की 700 प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा। कार्यक्रम में ब्रह्मधाम आसोतरा के गादीपति संत तुलछाराम जी महाराज, वेदांताचार्य डॉक्टर ध्यानाराम जी महाराज का पावन सानिध्य रहेगा। समारोह को लेकर राजपुरोहित सेवा न्यास के अध्यक्ष महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस समारोह में पूरे हिंदुस्तान भर से समाज के होनहार प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा सरकारी सेवा में चयनित होने वाली प्रतिभाओं को भी भामाशाहों के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर तैयारी पूर्ण की जा चुकी है। इस बार 700 विद्यार्थियों के आवेदन 20 नवंबर तक आ चुके हैं। इसमें 85 प्रतिशत अंक जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में हासिल किए हैं उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रेजुएशन में 75% अंक एनसीसी सर्टिफिकेट और सरकारी सेवा में चयनित होने वाले प्रतिभावन छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर आवेदन की प्रक्रिया अगस्त में शुरू की जाती है। जिसके जरिए आवेदन किए जाते हैं। राजपुरोहित सेवा न्यास की स्थापना 23 वर्ष पहले की गई थी। जिसका उद्देश्य समाज में संस्कारों की शिक्षा देना था। इसमें 27 गांव के तीस सदस्य शामिल है। न्यास के संरक्षक डॉ. करणसिंह रास ने बताया कि न्यास समय-समय पर सामाजिक उत्थान के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा, खेल, प्रतियोगी परीक्षा एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन इत्यादि गतिविधियां मुख्य है। न्यास में 27 गांव के सदस्य इस कार्यक्रम में न्यास के कोषाध्यक्ष स्वरूपसिंह थोब, महेन्द्रसिंह खींचन, दिनेशसिंह सिणिया, राजेन्द्रसिंह पुनाड़िया, रामसिंह सिलारी, सज्जनसिंह रून्दिया, दिलीपसिंह धीरदेसर, मनोहरसिंह देवातड़ा, गणपतसिंह कानोड़िया, गोपालसिंह ढंढोरा, श्रवणसिंह नारनाड़ी, चन्दनसिंह धांगड़वास, सुरेन्द्रसिंह आहोर, शेरसिंह धुंधाड़ा, आशुतोषसिंह वणदार, पदमसिंह ढाबर, श्यामसिंह गादेरी, ओमसिंह निम्बाड़ा, शैतानसिंह चाड़वास, श्रवणसिंह धर्मधारी, दशरथसिंह धर्मधारी, राहुलसिंह झाबरा, श्रवणसिंह सरवड़ी, छैलसिंह बासनी, लक्ष्मणसिंह नोरवा, भंवरसिंह कानोडिया श्रीमती कान्ता सांजू आदि न्यास के पदाधिकारी पिछले कई दिनों से कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान करने में लगे हैं।

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