मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नए साल में आज पहली बार प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ मीटिंग करेंगे। समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम के जरिए होने वाली इस बैठक में विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाने का मुद्दा उठाया जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री संबंधित मामलों में कलेक्टरों से जवाब तलब करेंगे। साथ ही, सरकारी योजनाओं का लाभ देने में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्यवाही भी की जाएगी। समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में रीवा और सिंगरौली जिलों के भी दो मामले शामिल हैं। इस समाधान ऑनलाइन बैठक में रीवा जिले के मनगवां कॉलेज में एक कंप्यूटर ऑपरेटर की शिकायत पर मुख्यमंत्री सुनवाई करेंगे। बताया जा रहा है कि कंप्यूटर ऑपरेटर ने प्राचार्य पर संस्था से नियमविरुद्ध तरीके से निष्कासित करने का आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्यमंत्री यादव समाधान ऑनलाइन के दौरान रीवा की कलेक्टर प्रतिभा पाल से जानकारी लेंगे। इसी तरह, सिंगरौली जिले की एक अन्य शिकायत में मुख्यमंत्री यादव कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जवाब तलब करेंगे। मीटिंग में सीएस अनुराग जैन भी शामिल रहेंगे दोपहर 4:30 बजे से शुरू होने वाले इस समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में प्रदेश के अन्य जिलों के मामले भी शामिल होंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इस बैठक में चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन भी मौजूद रहेंगे। बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की विभागवार और जिला वार ग्रेडिंग और पेंडिंग शिकायतों के मामलों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री यादव और चीफ सेक्रेटरी जैन, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों के साथ कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से जनसमस्या निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश देंगे। 29 अक्टूबर को सस्पेंड किए थे 11 अधिकारी, कर्मचारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इससे पहले, 29 अक्टूबर को हुए समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में आमजन की शिकायतों के समाधान में देरी के कारण विद्युत महाप्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के 11 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा था। इस संबंध में भी आज की बैठक में जानकारी दी जाएगी।


