उपायुक्त मंजू नाथ भजंत्री ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू करें। योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब समाहरणालय स्थित सभी कार्यालयों की रेटिंग आम जनता द्वारा दी जाएगी। इससे कार्यालयों की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। समाहरणालय ब्लॉक-बी स्थित सभागार में शनिवार को संवाद कार्यक्रम हुआ। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने की। इसमें समाहरणालय रांची के सभी कार्यालयों के प्रधान लिपिक, उच्च वर्गीय लिपिक, निम्न वर्गीय लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन के साथ कार्य संस्कृति को बेहतर बनाना था। अफसरों को निर्देश- काम करें या वीआरएस ले लें उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अंचल अधिकारियों से कहा कि कि वे जनहित में काम करें। अगर काम नहीं हो रहा, तो वीआरएस ले लें। तकनीकी समस्या हो, तो राज्य स्तर से समन्वय कर समाधान करें। उन्होंने कहा कि लोगों से शालीन व्यवहार करें। कार्यालय में बिचौलिये न दिखें, यह सुनिश्चित करें। आवेदक ही कार्यालय आएं। जन शिकायतों के समाधान में देरी न हो संवाद कार्यक्रम में शिकायतों के पंजीकरण, ट्रैकिंग और समाधान की प्रक्रिया को और व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि जन शिकायतों के समाधान में देरी न हो। कार्य संस्कृति को पेशेवर, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाने पर भी जोर दिया गया। समय प्रबंधन, कार्यों की प्राथमिकता तय करने व डिजिटल उपकरणों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।


