भास्कर न्यूज|गुमला राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के छठे दिन प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर एक व्यापक अभियान की शुरुआत की गई। मंगलवार को समाहरणालय परिसर में अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों व कर्मियों ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के िलए सामूहिक शपथ ली और हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता जताई। डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि यह विशेष जागरूकता रथ 31 जनवरी तक जिले के सभी दसों प्रखंडों व अनुमंडल मुख्यालयों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक जाएगा। रथ के माध्यम से लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री द्वारा लोगों को सरकार की क्रांतिकारी राहवीर योजना के बारे में बताया जा रहा है। डीडीसी दिलेश्वर महतो ने कहा कि सड़क दुर्घटना में होने वाली जान-माल की क्षति ऐसी है जिसकी पूर्ति कभी संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट का उपयोग करें। शराब पीकर गाड़ी न चलाएं। एसी शशिंद्र बड़ाइक ने मार्मिक उदाहरण देते हुए कहा कि आपदा राहत कोष के तहत मिलने वाले 1 लाख रुपए का मुआवजा उस बूढ़ी मां के आंसुओं को नहीं पोंछ सकता। जिसने अपना बेटा खो दिया हो। पैसे बेटे की कमी कभी पूरी नहीं कर सकते। मौके पर डीआरडीए निदेशक विद्याभूषण, एसडीओ राजीव नीरज, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, डीएसडब्लूओ आरती कुमारी, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, जिला अभियंता जिला परिषद, बीडीओ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, अधीक्षक उत्पाद, पुलिस उपाधीक्षक व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।


