गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने पुलिस, फायर, होमगार्ड और अन्य सेवाओं के लिए पदकों की घोषणा कर दी है। इस बार मप्र पुलिस के लिए इस सूची में 21 पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के नाम जुड़ गए हैं। इन्हें अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिलेगा। आधिकारिक सूची के मुताबिक, 4 पुलिस अफसरों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया है, जबकि 17 अफसरों को सराहनीय सेवा पदक मिलेगा। ये सम्मान पुलिस बल में अनुशासन, कार्यकुशलता और निरंतर उत्कृष्ट सेवा के आधार पर दिए जाते हैं। जिन 17 पुलिस अफसरों को पदक मिले हैं, उनमें आईपीएस अफसरों के अलावा डीएसपी, इंस्पेक्टर, कॉन्सटेबल भी शामिल हैं। गोस्वामी को 14-24वें साल में सम्मान… भोपाल के एडिशनल सीपी अवधेश गोस्वामी को इससे पहले वर्ष 2016 में सराहनीय सेवा पदक मिला था। तक उनकी बतौर पुलिस अफसर 14 साल की सर्विस पूरी हुई थी। इसके ठीक दस साल बाद उन्हें राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक मिल रहा है। 360 डिग्री मूल्यांकन के बाद मिलता है राष्ट्रपति पदक राष्ट्रपति पदक के लिए पहले सराहनीय सेवा पदक हासिल करना जरूरी होता है। इसके लिए कम से कम 14 साल की सेवा जरूरी है। इसके बाद कम से कम 10 साल की उत्कृष्ट सेवा के आधार पर राष्ट्रपति पदक पर विचार किया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय इस प्रक्रिया में अफसर का 360 डिग्री मूल्यांकन करता है। इसमें फील्ड ड्यूटी के साथ सभी कामकाज को परखा जाता है। कम से कम 6 अफसरों से फीडबैक लिया जाता है। सराहनीय सेवा पदक पाने वाले 17 अफसर… कृष्णवेणी देशावतु (आईजी), मनोज कुमार राय (एसपी), गीतेश कुमार गर्ग (एसपी), दुर्गेश कुमार राठौर (एसपी), प्रवीण सिंह (इंस्पेक्टर), राजेंद्र प्रसाद गुप्ता (इंस्पेक्टर), निधि श्रीवास्तव (इंस्पेक्टर), संजय सिंह ठाकुर (डीएसपी), शफाली टकलकर (इंस्पेक्टर), श्रीराम मिश्रा (हेड कांस्टेबल), सुशील कुमार चौबे (सिपाही), प्रेम किशोर व्यास (सब इंस्पेक्टर), उमराव प्रसाद जाटव (सब इंस्पेक्टर), महेंद्र सिंह नेगी (एएसआई), संतोष मेहरा (एएसआई), रविंद्र मिश्रा (कांस्टेबल) और राजू गुराने (इंस्पेक्टर) को सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा।


