भोपाल को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के दावों के बीच भेल इलाके में खुले में कचरा जलाया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, कचरा जलने से भोपाल की करीब 8% हवा प्रदूषित होती है। यह बात 2022 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आई थी। सर्वे के अनुसार, शहर में हवा खराब होने की सबसे बड़ी वजह धूल (40%) और उसके बाद धुआं (8%) है। भेल क्षेत्र के गोविंदपुरा सब्जी मंडी, बिजली ऑफिस और आसपास सड़क किनारे कागज, पॉलिथीन और थर्माकोल के ढेर लगाकर उनमें आग लगाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा समय पर नहीं उठता और निपटान की व्यवस्था कमजोर है, इसलिए सफाई दिखाने का सबसे आसान तरीका कचरा जला देना बन गया है। ये हैं असली चुनौतियां… कचरे में आग लगाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोई सफाई कर्मचारी ऐसा करता है, तो उसके साथ संबंधित दरोगा व एएचओ भी जिम्मेदार होंगे। -संस्कृति जैन, नगर निगम कमिश्नर


