सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की अब ऑनलाइन पेशी होगी। किसी भी प्रकरण में उन्हें कोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डॉक्टर्स अस्पताल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से अपराध या किसी घटना से संबधित रिपोर्ट न्यायालय जाए बिना सबमिट करेंगे। इस नई सुविधा से डॉक्टरों का समय बचेगा और उनकी अस्पताल में उपलब्धता से ओपीडी एवं भर्ती मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाएगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने सोमवार को जिला अस्पताल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम का शुभारंभ किया है। उन्होंने पालना घर का भी उद्घाटन किया। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में यह नई सुविधा शुरू की जा रही है। इसी क्रम में जिला अस्पताल में इसकी शुरुआत हो चुकी है। जिला अस्पताल का यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम जिला न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों से सीधे जुड़ा रहेगा। अपराध और हादसों के अलावा कई प्रकार के प्रकरण की सुनवाई के दौरान जज और वकील इसी सिस्टम से जुड़े रहेंगे। न्यायालयों में सिस्टम पहले से चल रहा है। जिला अस्पताल में गायनिक एवं शिशु ओपीडी के सामने दूसरे माले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में एक विशाल स्क्रीन और कम्प्यूटर लगाया गया है। जज और वकीलों को ऑनलाइन माध्यम से देंगे सभी जानकारी: प्रकरण से संबधित एमएलसी, अपराधिक या हादसों में मृतकों की पीएम रिपोर्ट की जानकारी देंगे। प्रार्थी और आरोपियों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स, उनकी विभिन्न प्रकार की जांच करने वाले रेडियोलॉजिस्ट, लैब टैक्निशियन, अस्पताल चौकी पुलिस इसी ऑनलाइन पेशी के माध्यम से रिपोर्ट सबमिट करने के साथ स्क्रीन पर दिख रहे जज एवं वकीलों के सवालों का जवाब देंगे।


