केंद्र सरकार के उपक्रम ‘सांभर साल्ट लिमिटेड’ (SSL) में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। कंपनी की डीडवाना-कुचामन के नावां स्थित रिफाइनरी पर बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने छापा मारा तो परिसर में अवैध रूप से खेजड़ी की गीली लकड़ी का बड़ा स्टॉक मिला। जबकि खेजड़ी राजस्थान का संरक्षित राज्य वृक्ष है, जिसकी कटाई और व्यवसायिक उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध है। मामले में नावां तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने पूरी खेप को जब्त करने के आदेश दिए है। साथ ही सांभर साल्ट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पहले देखिए- परिसर में खेजड़ी की गीली लकड़ियों का स्टॉक शिकायत मिली जांच करने पहुंची थी टीम
बुधवार को नावां तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल के नेतृत्व में राजस्व टीम ने कंपनी परिसर में औचक छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित की गई खेजड़ी की गीली लकड़ी जब्त की। एक सरकारी महकमे द्वारा ही राज्य वृक्ष के संरक्षण नियमों के उल्लंघन की इस कार्रवाई ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। सरकारी परिसर में ही मिला अवैध भंडारण
गीली लकड़ी के अवैध कारोबार की शिकायतों के आधार पर जब तहसीलदार ने राजस्व टीम के साथ सांभर साल्ट लिमिटेड के परिसर का निरीक्षण किया, तो प्रशासनिक अधिकारी हैरान रह गए। परिसर के भीतर ईंधन और अन्य प्रयोजनों के लिए भारी मात्रा में खेजड़ी की लकड़ियां जमा की गई थीं। तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने बताया कि खेजड़ी राजस्थान का संरक्षित राज्य वृक्ष है। इसकी कटाई और व्यवसायिक उपयोग पर कड़ा प्रतिबंध है। एक जिम्मेदार केंद्रीय उपक्रम के परिसर में बिना किसी वैध अनुमति के इस प्रकार प्रतिबंधित लकड़ी का मिलना गंभीर लापरवाही है। कंपनी के पास नहीं मिली कोई अनुमति, पूरा स्टॉक जब्त
कार्रवाई के दौरान कंपनी प्रबंधन मौके पर लकड़ी के परिवहन या कटाई से संबंधित कोई भी आधिकारिक दस्तावेज या वन विभाग की अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर तहसीलदार रामेश्वर गढ़वाल ने पूरी खेप को जब्त करने के आदेश दिए है। तहसीलदार का कहना है कि सांभर साल्ट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। नियम सभी के लिए समान हैं, चाहे वह निजी संस्थान हो या सरकारी उपक्रम। यदि निर्धारित समय में कंपनी प्रशासन वैध दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं देता है, तो नियमानुसार कठोर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में सांभर साल्ट लिमिटेड के DGM मनोज कुमार शर्मा और मैनेजर अविनाश गुप्ता से जानकारी के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन दोनों ने ही फोन अटैंड नहीं किया। ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में ‘राज्य वृक्ष’ काटने पर सिर्फ 100 रुपए जुर्माना:सूखे ठूंठ अंधेरे में जलाए, गीली लकड़ियां दफनाईं; विधायक बोले- पेड़ से पहले सिर कटने चाहिए बाड़मेर के बरियाड़ा और खोड़ाल गांव में सोलर कंपनी ENGIE, JAKSON GREEN बनाम ग्रामीण विवाद अब खत्म हो चुका है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी की मौजूदगी में मंगलवार को वृक्षारोपण, भूमि मुआवजा समेत कई बिंदुओं पर सहमति बन गई है। पूरी खबर पढ़िए


